प्रतिनिधि, मैक्लुस्कीगंज.
मैक्लुस्कीगंज में लाखों की लागत से बना शौचालय लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी उपयोग में नहीं है. जिससे ग्रामीणों के साथ सैलानियों को भी परेशानी होती है. मैक्लुस्कीगंज रेलवे स्टेशन के निकट जन सुविधा को लेकर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड के कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व योजनांतर्गत शौचालय का निर्माण कराया गया है. विभागीय लापरवाही के कारण शौचालय में ताला लगा हुआ है. देखरेख के अभाव में चारों तरफ गंदगी फैली हुई है. जानकारी के अनुसार रेलवे द्वारा स्टेशन परिसर में जगह उपलब्ध कराने के पश्चात सीसीएल ने सीएसआर मद से लगभग चार वर्ष पूर्व फैब्रिकेटेड शौचालय का निर्माण जन सुविधाओं के लिए कराया था. लेकिन सीसीएल ने योजना को पूर्ण कर हैंडओवर करने में लगभग साढ़े तीन वर्षों का समय लगा दिया. शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं की गयीहै. स्टेशन प्रबंधक अरुण भगत ने बताया कि शौचालय के बनने के बाद संवेदक और सीसीएल के अधिकारी सीटीआइ टोरी आशुतोष कुमार को शौचालय की चाबी सौंपी है. जानकारी के अनुसार संचालन करने का टेंडर अवधि खत्म हो जाने से पब्लिक शौचालय आज चार वर्षों से बंद पड़ा है. न ही उक्त विभाग द्वारा किसी को संचालित करने संबंधी कोई दिशा-निर्देश दिया गया है. लपरा मुखिया पुतुल देवी व मायापुर मुखिया पुष्पा खलखो ने कहा कि शिक्षा व पर्यटन के लिए विख्यात एंग्लो इंडियन गांव मैक्लुस्कीगंज में इस तरह की अनदेखी संबंधित विभाग के अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है. वहीं ऐसे कई योजनाएं सीसीएल के सीएसआर मद से बनी हैं और छोटी-छोटी अड़चनों के चलते ग्रामीण लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं. बहरहाल रेलवे के पदाधिकारियों से बात कर शौचालय योजना को पूर्ण कराया जायेगा. दिक्कतें दूर कर उक्त शौचालय को जनहित के लिए सुचारू रूप से चालू करा दिया जायेगा.ग्रामीणों संग सैलानियों को होती है परेशानी
फ़ोटो 1 – बनने के बाद से ही बंद पड़ा शौचालय.
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