रांची. केंद्रीय विश्वविद्यालय, झारखंड (सीयूजे) में एनएसएस की ओर से टेली-मानस सेवाओं और केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआइपी), कांके के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम व तनाव प्रबंधन विषय पर कार्यशाला आयोजित की गयी. कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, तनाव प्रबंधन और प्रभावी संचार के प्रति जागरूक करना था.
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों से किया संवाद
कार्यशाला में सीआइपी की विशेषज्ञ जिमली चटर्जी और रोहिणी नीरजा तिर्की ने विद्यार्थियों से संवाद किया. जिमली चटर्जी ने तनाव को समझने, अपनी भावनाओं के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने के महत्व पर जोर दिया. उन्होंने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब भी दिया. विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछकर संवाद में हिस्सा लिया.
खेल के माध्यम से समझाया संचार कौशल
रोहिणी नीरजा तिर्की ने मानसिक स्वास्थ्य और संचार कौशल को केंद्र में रखते हुए विद्यार्थियों के लिए एक रोचक खेल कराया. इसके माध्यम से विद्यार्थियों को संवाद और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े पहलुओं को समझने का अवसर मिला.
कार्यक्रम में एनएसएस समन्वयक डॉ हृषिकेश महतो और समन्वयक डॉ प्रज्ञा शुक्ला समेत करीब 600 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया.
