राजधर लाइन को रैयतों ने किया बाधित, वार्ता के बाद आंदोलन स्थगित

रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले मैक्लुस्कीगंज टू पिपरवार प्रोजेक्ट रेलवे लाइन बाधित की गयी.

मैक्लुस्कीगंज. रैयत विस्थापित मोर्चा के बैनर तले मैक्लुस्कीगंज टू पिपरवार प्रोजेक्ट रेलवे लाइन (राजधर साइडिंग लाइन) को सोमवार की सुबह फेज-1 के हेसालौंग गंझूटोला के निकट बाधित की गयी. रैविमो नावाडीह शाखाध्यक्ष शिवनारायण लोहरा की अध्यक्षता में उपस्थित रैयतों ने एक पूर्वनिर्धारित आंदोलन के तहत धरना देकर रेलवे ट्रैक को जाम कर बैठ गये. इस दौरान रैयत व रैविमो के सदस्यों ने संबंधित पदाधिकारियों को धरना स्थल पर बुलाने, नौकरी व उचित मुआवजा मामले का निबटारा ऑन दी स्पॉट करने की मांग पर अड़ गये. दोपहर बाद सीसीएल पिपरवार प्रबंधन की पहल पर धरना स्थल पर ही बैठक कर एक वार्ता हुई. जिसमें पिपरवार एरिया प्रबंधन की ओर से एलएंडआर अधिकारी राजीव रंजन एवं राजधर साइडिंग इंचार्ज मोहन लाल सिंह मौजूद थे. वार्ता करने पहुंचे अधिकारियों ने रैयतों से वार्ता में आश्रितों को आश्वस्त करते हुए कहा कि पूरी ईमानदारी से नौकरी सहित अन्य मांगों पर प्रबंधन काम कर रहा है. रैविमो व रैयतों से सहयोग की अपील की है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रैविमो नावाडीह शाखाध्यक्ष शिवनारायण लोहरा ने बताया कि दो रैयतों की कागजी प्रक्रिया लगभग पूर्ण हो चुकी है, शेष रैयतों का भी दस दिनों के अंदर संबंधित मामले का निबटारा किया जायेगा. नहीं होने पर पुनः रेलवे लाइन को बाधित किया जायेगा. इस बाबत सीसीएल अधिकारियों से मिले आश्वासन के पश्चात लगभग साढ़े तीन बजे धरने को सहमति से स्थगित कर दिया गया. लगभग नौ घंटे बाधित रहने के बाद कोयला ढुलाई शुरू किया गया. वार्ता में एरिया उपाध्यक्ष अमृत भोगता सहित भरत महतो, बिनोद मुंडा, रमेश प्रसाद साहू, हेमलाल गंझू, विनय, कृष्णा भोगता, ताहिर अंसारी, प्रभाकर गंझू, सुकर गंझू, रूपनाथ गंझू, सुनील मुंडा अन्य मौजूद थे.

नौकरी व मुआवजे की मांग को लेकर रैयत विस्थापित मोर्चा ने किया प्रदर्शन

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By ROHIT KUMAR MAHT

ROHIT KUMAR MAHT is a contributor at Prabhat Khabar.

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