रिम्स में आपात बैठक के 24 घंटे बाद भी नहीं आया एन-95 मास्क

राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में कोरोना वायरस की रोकथाम व सतर्कता को लेकर बुधवार को आपात बैठक हुई थी. इधर, बैठक के 24 घंटे बाद भी रिम्स कोरोना को लेकर पूर्ण रूप से तैयार नहीं हो पाया है. रिम्स के आला अधिकारी अभी तक मास्क खरीद की प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं.

रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स में कोरोना वायरस की रोकथाम व सतर्कता को लेकर बुधवार को आपात बैठक हुई थी. इधर, बैठक के 24 घंटे बाद भी रिम्स कोरोना को लेकर पूर्ण रूप से तैयार नहीं हो पाया है. रिम्स के आला अधिकारी अभी तक मास्क खरीद की प्रक्रिया में ही उलझे हुए हैं.

एन-95 मास्क की खरीदारी के लिए रिम्स का किसी एजेंसी के साथ रेट कॉन्ट्रैक्ट नहीं होने के कारण गुरुवार को भी मास्क नहीं आ पाया. रिम्स के डॉक्टर, नर्स, गार्ड व अन्य कर्मचारी सामान्य मास्क से ही काम चला रहे हैं़

इधर, रिम्स के अधिकारियों ने राजधानी के बाजार में मास्क के मूल्य का पता किया तो एक मास्क की कीमत 395 रुपये बतायी गयी. मास्क महंगा होने के करण रिम्स प्रबंधन ने इसकी खरीदारी नहीं की. वहीं कोरोना वायरस से बचाव के लिए इस्तेमाल होनेवाले विशेष ग्लब्स भी महंगा होने के कारण नहीं खरीदा गया. गुरुवार की देर शाम तक रिम्स अधीक्षक डॉ विवेक कश्यप सहित कई अधिकारी मास्क मंगाने में लगे रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली. शुक्रवार को मास्क उपलब्ध होने की उम्मीद है. वहीं रिम्स द्वारा एचआइवी किट का स्टॉक भी मंगाया गया है.

एंबुलेंस को आइसोलेट करने के लिए मंगाया गया स्प्रे : रिम्स प्रबंधन एंबुलेंस को भी आइसोलेट करेगा. इसके लिये 50 बोतल सोडियम क्लोराइड का स्प्रे मंगाया गया है. मरीज को लाने व ले जाने के बाद एंबुलेंस पर स्प्रे किया जायेगा.

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By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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