Ranchi News : जिनालयों से दूरी बना कर कल्याण संभव नहीं : मुनि श्री

दिगंबर जैन संत आचार्य 108 सूरत्न सागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य 108 सुतिर्थ सागर महाराज ने अपर बाजार जैन मंदिर में भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया.

रांची. दिगंबर जैन संत आचार्य 108 सूरत्न सागर जी महाराज के प्रभावक शिष्य 108 सुतिर्थ सागर महाराज ने अपर बाजार जैन मंदिर में भक्तों को आशीर्वाद प्रदान किया. उन्होंने कहा कि देव, शास्त्र और गुरु का समागम अत्यंत पुण्यशाली लोगों को प्राप्त होता है और जो इसका लाभ उठा पाता है, वह निश्चित रूप से महान पुण्य का अधिकारी होता है. मुनि श्री ने कहा कि आज के दौर में लोग दिखावे पर अधिक ध्यान देते हैं, जबकि मनुष्य जीवन सर्वोपरि है. जिनेंद्र भगवान की भक्ति और जिनालयों से दूरी बनाकर मनुष्य का कल्याण संभव नहीं है. जैन आगम में देव, शास्त्र और गुरु का विशिष्ट महत्व बताया गया है. धर्म केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सच्ची साधना है. उन्होंने श्रावक और मुनि दोनों के कर्तव्यों का वर्णन करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपनी आत्मा के उत्थान के लिए स्वाध्याय, संयम और सेवा को जीवन का अभिन्न अंग बनाना चाहिए. इस दौरान उन्होंने अपने गुरु आचार्य के उपदेशों का भी उल्लेख किया. कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण से हुई, जिसे श्वेता काशलीवाल ने प्रस्तुत किया. बाहर से आये अतिथि व भक्तगणों ने मुनि श्री को श्रीफल भेंट कर मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया. यह जानकारी मीडिया प्रभारी राकेश काशलीवाल ने दी. उन्होंने बताया कि धर्म सभा में पूर्व अध्यक्ष पूरणमल सेठी, वर्तमान कार्यकारिणी के सदस्य, बाहर से आये अतिथि उपस्थित थे. इनमें अध्यक्ष प्रदीप बाकलीवाल, मंत्री जीतेंद्र छाबड़ा, टिकमचंद छाबड़ा, सुबोध बड़जात्या, मनोज काला, अंकित शास्त्री, कैलाश चूड़ीवाल, सौरभ विनायक्या, राजेश छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रावक एवं भक्त शामिल थे.

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Author: Raj Kumar

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