पंकज त्रिपाठी की रिपोर्ट
रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है. हाल ही में सीआईडी ने गड़बड़ी के आरोप में जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को गिरफ्तार किया है. आयोग कार्यालय में छापेमारी के बाद तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद सीआईडी ने उनके आवास पर भी छापेमारी की. आरोप है कि 14वीं सिविल सेवा परीक्षा में भी अनियमितताएं हुईं और अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाया गया.
इसी बीच द्वितीय जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ी सीबीआई जांच रिपोर्ट फिर चर्चा में है. सीबीआई ने इस मामले में जांच पूरी कर करीब दो वर्ष पहले अपनी रिपोर्ट अदालत में सौंप दी थी, लेकिन अब तक मामले में ट्रायल शुरू नहीं हो सका है. इस वजह से करीब 20 वर्षों से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे मेधावी अभ्यर्थियों में निराशा बनी हुई है. बता दें, प्रभात खबर ने पूर्व में हुई गड़बड़ियों की तहकीकात की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिसमें सीबीआइ ने 60 लोगों को आरोपी बनाया है. सबकी कारस्तानी और सुबूत कोर्ट को दिए हैं. पहली बार एक साथ सभी आरोपियों के नाम और उनके विरुद्ध मिले साक्ष्य एकत्रित किया.
बोर्ड सदस्यों व अधिकारियों ने अपने रिश्तेदारों को पास कराया
- दिलीप कुमार प्रसाद, अध्यक्ष- तीन इंटरव्यू बोर्ड में से एक के अध्यक्ष थे. इंटरव्यू अंक जानबूझकर देर से जमा कर हेरफेर की गुंजाइश बनायी. रिश्तेदार संजय प्रसाद को भी लाभ.
- गोपाल प्रसाद सिंह, सदस्य- बेटे कुंदन कुमार सिंह और रजनीश कुमार, भतीजे इंद्रजीत सिंह को लाभ पहुंचा. परमानंद सिंह को समन्वयक बनवाया.
- शांति देवी, सदस्य- भाई बिनोद राम और भतीजी गीतांजलि को लाभपहुंचाया. इंटरव्यू बोर्ड की अध्यक्ष रहते अंकों में हेरफेर का आरोप.
- राधा गोविंद सिंह नागेश, सदस्य-बेटी मौसमी नागेश और भतीजे हरिहर सिंह मुंडा के लिए मूल्यांकनकर्ताओं को सीधे निर्देश देकर अंक बढ़वाए (गवाहों ने स्वीकारा).
- एलिस उधा रानी सिंह, परीक्षा नियंत्रक पूरी प्रक्रिया नियम विरुद्ध धीरज कुमार को आउटसोर्स की, जिससे बड़े पैमाने पर हेरफेर संभव हुआ.
- अरविंद कुमार सिंह, सहायक समन्वयक दर्जनों कॉपियों की मार्कशीट पर हस्ताक्षर कर भारी काट छांट पर आपत्ति नहीं जताई.
- अलबर्ट टोप्पो, इंटरव्यू विशेषज्ञ रवि कुमार कुजूर और कुमोद कुमार के इंटरव्यू अंक 70/60 से बढ़ाकर 170/160 किए.
- प्रो नंद लाल, मूल्यांकनकर्ता कुंदन कुमार सिंह, शिशिर कुमार सिंह सहित कई की कॉपियों में अंक बढ़ाना कबूला.
- सोहन राम, इंटरव्यू विशेषज्ञ-हरि शंकर बरिक और प्रकाश कुमार के इंटरव्यू अंक बढ़ाए.
पूर्व सीएम, डिप्टी सीएम के करीबियों को दिल खोलकर दिए गए नंबर
- राधा प्रेम किशोर-पूर्व विधायक के भाई, इतिहास पेपर में 100 से 122 अंक कराए.
- बिनोद राम-शांति देवी के भाई, तीन अलग-अलग मूल्यांकनकर्ताओं ने मिलकर तीन पेपरों में अंक बढ़ाए (17, 22, 15).
- हरिशंकर बरिक- सामान्य अध्ययन और एलएसडब्ल्यू पेपर में क्रमशः 22 व 30 अंक बढ़े.
- हरिहर सिंह मुंडा-नागेश के भतीजे, मुंडारी भाषा पेपर में 128 से 153 अंक, मूल्यांकनकर्ता ने नागेश के निर्देश पर बढ़ाना कबूला.
- रवि कुमार कुजूर- भूगोल पेपर में 106 से 126 और इंटरव्यू में 70 से 170 अंक.
- मुकेश कुमार महतो- पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो के भाई, सामान्य अध्ययन में पुनर्मूल्यांकन में सिर्फ 45 के मुकाबले 127 अंक दिए गए थे.
- कुंदन कुमार सिंह- गोपाल सिंह के बेटे, ओएमआर में 19 गोले भरे पर 88 अंक दर्ज, लोक प्रशासन पेपर में 85 से 137 अंक.
- मौसमी नागेश-नागेश की बेटी, ओएमआर में 50 गोले भरे पर 69 अंक दर्ज, सामान्य अध्ययन में 76 से 119 अंक.
- कानू राम नाग- तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के निजी सहायक, सामान्य अध्ययन में 83 से 117 अंक.
- प्रकाश कुमार-मार्कशीट रिकॉर्ड में नहीं मिली, इंटरव्यू में शांति देवी ने 160 के बजाय 180 अंक दिए.
- संगीता कुमारी- ओएमआर में 45 गोले भरे पर 83 अंक दर्ज, तीन पेपरों में अंक बढ़े.
- रजनीश कुमार- गोपाल सिंह के बेटे, ओएमआर में सिर्फ 25 गोले भरे पर 77 अंक दर्ज, लोक प्रशासन में 38 अंक बढे.
- शिवेंद्र- ओएमआर में 22 गौले भरे पर 79 अंक दर्ज, कुल मेरिट में दूसरा स्थान, वास्तव में अपात्र.
- संतोष कुमार चौधरी- ओएमआर में 30 गोले भरे पर 69 अंक दर्ज एलएसडब्ल्यू व मानवविज्ञान में अंक बढ़े.
- धीरज कुमार-एनसीसीएफ प्रतिनिधि, पूरी परीक्षा प्रक्रिया का अवैध संचालन, 13 अभ्यर्थियों के ओएमआर में हेरफेर का मुख्य सूत्रधार.
- रोहित सिन्हा-तत्कालीन महाधिवक्ता अनिल सिन्य के भतीजे, सामान्य अध्ययन में 99 से 159 अंक.
- शैलेश कु श्रीवास्तव आइएएस अधिकारी आरके श्रीवास्तव के भाई, सामान्य अध्ययन में 60 से 138 अंक.
- अमित कुमार-ओएमआर में 39 गोले भरे पर 76 अंक दर्ज, लोक प्रशासन में 34 अंक बढे.
- राहुल जी आनंद जी- ओएमआर में सिर्फ 16 गोले भरे पर 78 अंक दर्ज, निम्न गुणवत्ता के उत्तरों पर भी ऊंचे अंक.
- इंद्रजीत सिंह- गोपाल सिंह के भांजे, आवेदन फॉर्म में रिश्तेदारी छिपायी, लोक प्रशासन में 30 अंक बढ़े.
- शिशिर कुमार सिंह- ओएमआर में सिर्फ सात गोले भरे, लेकिन 65 अंक दर्ज, तीन अलग मूल्यांकनकर्ताओं ने कुल मिलाकर भारी अंक बढ़ाये (82, 88,67).
- राजीव कुमार सिंह- ओएमआर में 35 गोले भरे पर 78 अंक दर्ज, लोक प्रशासन में 10 अंक बढ़े, मूल्यांकनकर्ता ने कबूला.
- राम कृष्ण कुमार- ओएमआर में 45 गोले भरे पर 68 अंक दर्ज.
- प्रमोद राम-ओएमआर में 50 गोले भरे पर 65 अंक दर्ज, मानवविज्ञान पेपर अंक मिले थे. में पुनर्मूल्यांकन में 56 के मुकाबले 151
- अरविंद कुमार सिंह-दर्शनशास्त्र दोनों पेपरों में भारी अंक बढ़े (33, 68).
- विकाश कुमार पांडेय-मानवविज्ञान और सामान्य अध्ययन में क्रमश: 23 व 29 अंक बढ़े.
- मनोज कुमार- सामान्य अध्ययन में पुनर्मूल्यांकन में 69 के मुकाबले 129 अंक मिले थे.
- सुदामा कुमार- दो पेपरों में अंक बढे (21, 42).
- कुमोद कुमार-इंटरव्यू में टोप्पो ने 60 से 160 अंक किए.
एमजी काशी विद्यापीठ, वाराणसी व अन्य स्थानों से आये मूल्यांकनकर्ताओं ने कबूला कि नंबर बढ़ाए गए
- डॉ ओंकार नाथ सिंह- राधा प्रेम किशोर के इतिहास पेपर में 100 से 122 अंक किए.
- डॉ मुनींद्र तिवारी- बिनोद राम की हिंदी कॉपी में 128 से 145 अंक, परमानंद सिंह के दबाव में करना कबूला.
- डॉ सुधीर कुमार शुक्ला- बिनोद राम की एलएसडब्ल्यू कॉपी में 108 से 130 अंक.
- प्रो अमरनाथ सिंह- बिनोद रामव कानू राम नाग की कोंधियों में अंक बढ़ाए.
- डॉ राजेंद्र प्रसाद सिंह- हरि शंकर बरिक, प्रमोद राम, शिशिर कुमार सिह की कॉपियों में अंक बढ़ाए.
- तुलसी नारायण सिंह मुंडा-हरिहर सिंह मुंडा की मुडारी कॉपी में 128 से 153 अंक, नागेश के सीधे निर्देश पर करना कबूला
- डॉ ओम प्रकाश सिंह- रवि कुमार कुजूर की भूगोल कॉपी में 106 से 126 अंक
- डॉ योगेंद्र सिंह- मौसमी नागेश की कॉपी में 76 से 119 अंक.
- डॉ मिथिलेश कुमार सिंह-कानू राम नाग, अरविंद कुमार सिंह, सुदामा कुमार की कॉपियों में अंक बढ़ाए.
- डॉ रवि प्रकाश पांडेय-छह अलग-अलग अभ्यर्थियों (कुजूर, कानू राम नाग, विकाश पांडेय, प्रमोद राम, मनोज कुमार सहित) की कॉपियों में अंक बढ़ाए.
- डॉ बंशीधर पांडेय- सगीता कुमारी की कॉपी में अंक बढ़ाए.
- डॉ दिवाकर लाल श्रीवास्तव संगीता कुमारी की इतिहास कॉपी में 95 से 108 अंक.
- डॉ शिव बहादुर सिंह-पांच अभ्यर्थियों (श्रीवास्तव, इंद्रजीत सिंह, रजनीश कुमार, रोहित सिन्हर, अमित कुमार) की कॉपियों में अंक बढ़ाना कबूला.
- डॉ सिया राम सिंह यादव- रोहित सिन्हा की कॉपी में 99 से 159 अंक.
- रघुवीर सिंह तोमर-शैलेश श्रीवास्तव की कॉपी में 60 से 138 अंक, परमानंद सिंह के दबाव में करना कबूला.
- डॉ प्रदीप कुमार पांडेय शिशिर कुमार सिंह की अर्थशास्त्र कॉपी में 64 से 152 अंक.
- डॉ मधुसूदन मिश्रा-शिशिर कुमार सिंह की दूसरी कॉपी में 83 से 150 अंक.
- डॉ सभाजीत सिंह यादव-अरविंद कुमार सिंह (A-34) की दर्शनशास्त्र कॉपी में 111 से 144 अंक.
- डॉ शशि देवी सिंह- उसी अभ्यर्थी की दूसरी कॉपी में 54 से 122 अंक.
- डॉ अशोक कुमार सिंह- मनोज कुमार व मुकेश महतो की कॉपियों में अंक बढ़ाए.
- महेंद्र मोहन वर्मा-राधा प्रेम किशोर की कॉपी में 74 से 78 अंक.
- दीनानाथ सिंह- राजीव कुमार सिंह की कॉपी में 10 अंक बढ़ाना कबूला.
