संकुल स्तरीय शिशु वाटिका के आचार्यों को मिला प्रशिक्षण

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बेड़ो संकुल केंद्र में शनिवार को संकुल स्तरीय शिशु वाटिका आचार्यों को प्रशिक्षण दिया गया.

प्रतिनिधि, बेड़ो.

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बेड़ो संकुल केंद्र में शनिवार को संकुल स्तरीय शिशु वाटिका आचार्यों को प्रशिक्षण दिया गया. अतिथि प्रबंध समिति के अध्यक्ष भवानी शरण सिंह, सचिव वाणी कुमार रॉय, कोषाध्यक्ष भिखा उरांव, सदस्य रवींद्र वर्मा व प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काट कर व दीप जलाकर उदघाटन किया. संकुल शिशु वाटिका प्रमुख कंचन देवी ने कहा कि शिशु वाटिका के बच्चों का उम्र की यह अवस्था बिल्कुल कच्ची गीली मिट्टी की तरह होते हैं. जिसे जैसा ढांचे में ढालना चाहें, वैसा ही ढल जाये. मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि मस्तिष्क का विकास इसी आयु में हो जाता है. शिशु वाटिका की दीदीयों को बच्चों को ममता प्यार देकर उनका सर्वांगीण विकास करना है. शिशु वाटिका की शिक्षा का ख ग है. शिशु वाटिका तीन प्रकार की होती है. एक है नमूना रूप शिशु वाटिका, दूसरा प्रयत्नशील शिशु वाटिका और तीसरा है प्रभावशाली शिशु वाटिका. इसके अलावा हम पांच इंद्रियों के द्वारा भी बच्चों को ज्ञान अर्जित कर सकते हैं. बाणी कुमार रॉय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में शिशु वाटिका शिक्षण को अनिवार्य रूप से जोड़ा गया है. प्रधानाचार्य सत्येंद्र कुमार ने भी शिशु वाटिका के आचार्यों के महत्वपूर्ण दायित्व व कर्तव्य बताये. प्रशिक्षण में संकुल के दर्जनों आचार्य शामिल थे.

बेड़ो, फीता काट कर उदघाटन करते अतिथि.B

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Published by: Kedar mahto bero

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