Sugar and Jaggery Price Hike: त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले ही मिठास महंगी हो गयी है. चीनी के साथ गुड़ की कीमत में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है. पंडरा स्थित थोक मंडी में एक महीने में चीनी की कीमत करीब 14 रुपये किलो तक बढ़ गयी है. 20 जुलाई को जहां चीनी 50 रुपये किलो बिक रही थी, वहीं गुरुवार को इसकी कीमत बढ़कर 63 से 64 रुपये किलो पहुंच गयी. खुदरा बाजार में चीनी 65 से 68 रुपये किलो बिकी. वहीं, बेहतर क्वालिटी का गुड़ भी 63 से 65 रुपये किलो तक पहुंच गया है. कारोबारियों के अनुसार, त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के कारण आनेवाले दिनों में कीमतों पर और दबाव बन सकता है.
अगस्त में चीनी के दाम में लगातार उछाल
थोक कारोबारियों के अनुसार, अगस्त में चीनी की कीमत में लगातार तेजी दर्ज की गयी. चार अगस्त को चीनी 52 रुपये किलो थी. 14 अगस्त को कीमत बढ़कर 53 रुपये, 17 अगस्त को 60 रुपये, 18 अगस्त को 62 रुपये और 19 अगस्त को भी 62 रुपये किलो रही. 20 अगस्त को कीमत में फिर उछाल आया और चीनी 62 से 64 रुपये किलो तक पहुंच गयी. इस तरह 20 जुलाई से 20 अगस्त के बीच थोक कीमत में करीब 13 से 14 रुपये किलो की बढ़ोतरी हुई है.
मांग बढ़ी, उपलब्धता कम होने से तेजी
थोक व्यापारियों का कहना है कि बाजार में चीनी की उपलब्धता कम होने और मांग बढ़ने का असर कीमतों पर पड़ रहा है. त्योहारी सीजन को देखते हुए चीनी की खपत बढ़ने की संभावना है. इससे आनेवाले दिनों में कीमतों में और तेजी की आशंका बनी हुई है. कारोबारियों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमतों में तेजी का असर भी घरेलू बाजार पर पड़ रहा है.
गुड़ भी हुआ महंगा, 65 रुपये तक बिक रहा
चीनी की कीमतों में तेजी का असर गुड़ के बाजार पर भी पड़ा है. पंडरा थोक मंडी में गुरुवार को बेहतर क्वालिटी का गुड़ 63 से 65 रुपये किलो बिका. वहीं, मीडियम क्वालिटी के गुड़ की कीमत 40 से 57 रुपये किलो रही. कारोबारियों के अनुसार, पिछले एक महीने में गुड़ की कीमत में 10 से 15 रुपये किलो तक की बढ़ोतरी हुई है. मीडियम क्वालिटी के गुड़ में अपेक्षाकृत कम तेजी आयी है, जबकि बेहतर क्वालिटी के गुड़ के दाम में अधिक वृद्धि हुई है.
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आयात बढ़ने से राहत की उम्मीद
थोक व्यापारियों का कहना है कि गुड़ की कीमतों में इस तरह की तेजी पहले कम ही देखने को मिली है. कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार की ओर से आयात की अनुमति दी गयी है. कारोबारियों को उम्मीद है कि आयात बढ़ने के बाद बाजार में चीनी की उपलब्धता बेहतर होगी और कीमतों में उछाल पर कुछ हद तक अंकुश लगेगा. इसका असर आने वाले दिनों में बाजार में देखने को मिल सकता है.
चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा
चीनी हर घर की जरूरत है. इसके बिना किचन अधूरा है. कोई भी त्योहार हो या घर में कोई समारोह, मिठाई के बिना आयोजन पूरा नहीं होता है. ऐसे में चीनी की कीमत में लगातार हो रही बढ़ोतरी चिंताजनक है. सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए यह देखना चाहिए कि आखिर चीनी की कीमत क्यों बढ़ रही है और इसे नियंत्रित करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाये जाने चाहिए.
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