रांची. संत थॉमस चर्च डोरंडा को सौंदर्यीकरण के बाद रविवार को विश्वासियों के लिए खोल दिया गया. बीते एक साल से इस चर्च का सौंदर्यीकरण हो रहा था. चर्च के इस पुन:समर्पण (रि-डेडीकेशन) समारोह के दौरान छोटानागपुर डायसिस के बिशप बीबी बास्के ने चर्च की शिलापट्ट का अनावरण किया. इसके बाद हुए विशेष आराधना में बिशप बास्के ने कहा कि यह चर्च संत थॉमस के नाम से बना है. संत थॉमस को भारत का प्रेरित और संत कहा जाता है. उन्होंने चर्च के रि डेडीकेशन और पेरिश डे को ईश्वर की कृपा बताया. गौरतलब है कि डोरंडा पेरिश की स्थापना छोटानागपुर डायसिस के 100 वें जुबली वर्ष में 1990 में हुई थी. शुरू में एसपीजी मिशन स्कूल के एक कमरे में आराधना होती थी. बाद में संत थॉमस चर्च बना. कुछ समय पहले चर्च के सौंदर्यीकरण की आवश्यकता महसूस हुई जिसके बाद पिछले सात कार्य शुरू किया गया था. सौंदर्यीकरम के बाद चर्च की भव्यता और बढ़ गयी है. आज के समारोह में रेव्ह जोलजस कुजूर, पेरिश प्रिस्ट रेव्ह बसंत हेंब्रोम, रेव्ह अजीत सिंह होरो, रेव्ह यूजे सांगा, रेव्द जेडब्ल्यू तिलमिंग, पेरिस सचिव आश्रित बाखला, डॉ सुमन मंजूला मिंज, मार्शल टुडू, सैमसन आरोहन, डॉ णधुलिका होरो नीरजा आरोहन सहित अन्य उपस्थित थे.
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