रांची. झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना के सुचारू संचालन को टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है. पिछले चार माह से चल रही प्रक्रिया के बाद टेंडर फाइनल हो गया है. इस बार भी रिवर्स ऑक्शन के बाद मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड कंपनी एल-1 घोषित हुई है. जेएसएफसी की ओर निकाली गयी निविदा में धोती-साड़ी खरीद को लेकर 11 कंपनियों ने भाग लिया था.
निविदा की शर्तों के अनुसार, इसमें से तीन कंपनियां अर्हता पूरी करती थीं. विभाग की ओर से इन्हीं तीन कंपनियों के बीच रिवर्स ऑक्शन की प्रक्रिया पूरी की गयी. इसमें मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज एल-1 रही. इससे पहले जून में निविदा प्रक्रिया जारी होने के बाद दो बार निविदा शर्तों में संशोधन किया गया, ताकि अधिक से अधिक कंपनियां इसमें हिस्सा ले सकें.
68 लाख गरीब परिवारों को मिलेगी धोती-साड़ी
इधर, सरकार की ओर से मेसर्स मफतलाल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को तीन माह में वस्त्रों की आपूर्ति का आदेश दिया गया है. वस्त्रों की जांच के बाद 68 लाख गरीब परिवारों के बीच इसका वितरण शुरू किया जायेगा. सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहली व दूसरी छमाही के लिए निविदा निकाली थी. इसके तहत 1.32 करोड़ पीस धोती-साड़ी-लूंगी की खरीद होनी है. सरकार की ओर एक साल के बैकलॉक को समाप्त करने के लिए एक मुश्त खरीद का फैसला लिया गया था.
एक साल बैकलॉग में चल रही धोती-साड़ी योजना
सोना सोबरन धोती-साड़ी योजना फिलहाल एक साल बैकलॉग में चल रही है. पिछले माह 31 अगस्त तक लाभुकों के बीच वर्ष 2025-26 की पहली छमाही की धोती-साड़ी योजना का वितरण हुआ. अभी भी पिछले साल की दूसरी छमाही व चालू वित्तीय वर्ष की पहली छमाही का वितरण नहीं हुआ है. इस योजना के तहत जनवितरण प्रणाली दुकानों से लाभार्थियों को 10-10 रुपये में वर्ष में दो बार एक साड़ी एवं लुंगी या धोती दी जाती है.
