रांची: ओमान (मस्कट) में फंसी सिमडेगा की प्रवासी श्रमिक प्रीति कुजूर की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित हो गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रम विभाग के प्रवासी नियंत्रण कक्ष ने कार्रवाई की है. राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास (मस्कट) के साथ मिलकर बातचीत की और युवती की सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया पूरी करायी. प्रीति एक अगस्त को भारत के लिए रवाना हो चुकी है और दो अगस्त को अपने घर झारखंड पहुंच जायेगी.
फर्जी एजेंट के धोखे में फंसी थी युवती
सिमडेगा जिले के ठेठईटांगर प्रखंड स्थित मरारोमा गंझूटोली के रहने वाले रंतु कुजूर ने अपनी बहन प्रीति कुजूर के बारे में 19 जून को मदद की गुहार लगायी थी. मार्च 2026 में भारत के एक एजेंट ने उसे दुबई में 45000-50000 रुपये हर महीने कमाई का लालच देकर विदेश भेजा. लेकिन, धोखा देकर ओमान भेज दिया गया. वहां प्रीति से सिर्फ 23000-25000 रुपये में काम कराया गया. जब उन्होंने भारत लौटने की बात कही, तो कंपनी मालिक ने बहुत सारे पैसों की मांग की और परिवार वालों से 1.92 लाख लेने के बाद भी उन्हें वापस नहीं भेजा.
बातचीत से पैसों में मिली छूट, वापस किये दस्तावेज
कंपनी मालिक दो साल का ठेका पूरा होने से पहले वापसी के लिए 950 ओमानी रियाल की मांग कर रहा था. नियंत्रण कक्ष ने भारतीय दूतावास को पत्र लिखकर पीड़ित युवती की कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी दी और पैसों में छूट दिलाने तथा असली कागजात वापस दिलाने का अनुरोध किया. बातचीत के बाद कंपनी मालिक 600 ओमानी रियाल करने पर माना. पैसे जमा कराने के बाद मालिक ने प्रीति कुजूर का पासपोर्ट और अन्य असली कागजात लौटा दिये.
