रांची: श्रीलक्ष्मी वेंकटेश्वर मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन शुक्रवार को किया जायेगा. भाद्रपद कृष्णपक्ष की उदयकालिक अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और हर्षण योग का शुभ संयोग इस दिन बन रहा है. इस संयोग को जयंती योग कहा जाता है. श्रीरामानुजाचार्य मत के अनुसार जयंती योग में वैष्णव परंपरा में जयंती पर्व मनाये जाते हैं.
जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर मंदिर को आकर्षक तरीके से सजाया गया है. भगवान के लिए विशेष झूला भी तैयार किया गया है. जन्माष्टमी के दिन इसी झूले पर भगवान श्रीवेंकटेश्वर श्रीकृष्ण के रूप में, भगवती श्रीश्रीदेवी रुक्मिणी जी के रूप में और श्रीभूमि देवीजी राधिका जी के वेश में भक्तों को दर्शन देंगे.
रात 8 बजे से होगा नाम संकीर्तन
जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर में शाम से ही धार्मिक कार्यक्रम शुरू हो जायेंगे. रात आठ बजे से श्रीकृष्ण नाम संकीर्तनम् और भजनों की सरिता बहेगी. श्रद्धालु भजन-कीर्तन के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण की आराधना करेंगे.
मंदिर परिसर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गयी हैं. भगवान के झूले को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है. भक्तों को श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के विशेष दर्शन का अवसर मिलेगा.
