ग्रामीण परंपरा व रूढ़ीवादी से हट कर हमें अपडेट होना होगा : डॉ हुसैन

पटना विवि से सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ मुजतबा हुसैन ने कहा है कि भारत देश में आधुनिकीकरण, वैश्वीकरण, शहरीकरण अौर पश्चिमीकरण जैसी प्रक्रिया के साथ समाज में परिवर्तन आ रहे हैं.

रांची विवि के पीजी समाजशास्त्र विभाग में संगोष्ठी रांची. समाजशास्त्री व पटना विवि से सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ मुजतबा हुसैन ने कहा है कि भारत देश में आधुनिकीकरण, वैश्वीकरण, शहरीकरण अौर पश्चिमीकरण जैसी प्रक्रिया के साथ समाज में परिवर्तन आ रहे हैं. लेकिन दूसरी तरफ भारत में लगभग 80 प्रतिशत गांवों में रहनेवाले लोग ग्रामीण परिवेश, परंपरा अौर रूढ़ीवादी संस्कृति में जीवन जी रहे हैं. भारत में इस दो राहों के बावजूद भारत देश विश्व में आर्थिक मामले में पांचवें स्थान पर है. डॉ हुसैन गुरूवार को रांची विवि स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग में आज का भारत : दो राहें पर विषयक संगोष्ठी में बोल रहे थे. डॉ हुसैन ने कहा कि स्थिति यह है कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों में लोग रूढ़ीवादी परंपरा अौर प्राचीन संस्कृति से प्रभावित हैं. अपनी संस्कृति अौर परंपरा बदलना नहीं चाहते हैं. जिसके कारण देश में दो राह स्थापित हो गये हैं. अगर ये ग्रामीण पारंपरिक, रूढ़ीवादी संस्कृति को अलग हट कर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सहित आधुनिकीकरण के साथ चलें, तो हमारा देश विश्व में पांचवें स्थान से कहीं काफी ऊपर चला जायेगा. उन्होंने कहा कि देश में प्रतिदिन परिवर्तन हो रहे हैं. प्रतिदिन ज्ञान अपडेट हो रहे हैं. ऐसे में हमें भी अपडेट होना होगा. इससे पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ पीके चौधरी ने आगंतुकों का स्वागत किया व विषय प्रवेश किया. डॉ दिपाली अपराजिता डुंगडुंग ने संचालन किया. जबकि डॉ पीके चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापन भी किया. इस अवसर पर डॉ मिथलेश कुमार, कामिल धान आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >