झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान के तहत 14 जुलाई को राज्य के सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ और बीएलए-2 की दूसरी बैठक सह चुनाव पाठशाला आयोजित की जायेगी. बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगी. निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में पोस्टर जारी कर सभी संबंधित पक्षों से सक्रिय भागीदारी की अपील की है. बैठक में एब्सेंट, शिफ्टेड, डेथ और डुप्लीकेट (एएसडीडी) सूची पर विस्तार से विचार-विमर्श किया जायेगा. इसके अलावा, अब तक मतदाता सूची से मैपिंग नहीं हो सके अनमैप्ड मतदाताओं के मामलों की भी समीक्षा होगी. आयोग का उद्देश्य पात्र मतदाताओं की सही पहचान सुनिश्चित करते हुए त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है. निर्वाचन आयोग ने बैठक में आम मतदाताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पूर्व पोलिंग एजेंटों तथा विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी का आग्रह किया है.
पात्र मतदाता छूटे नहीं, अपात्र शामिल न हों
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए बूथ स्तर पर सभी संबंधित पक्षों का सहयोग आवश्यक है. अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो. आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क कर समय पर इन्यूमरेशन फॉर्म जमा करें और यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसका समय रहते सुधार करा लें. अभियान से जुड़ी जानकारी के लिए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की वेबसाइट और हेल्पलाइन 1950 का भी उपयोग किया जा सकता है.
राज्य में 83.40 प्रतिशत मतदाताओं तक पहुंचाया गया है गणना प्रपत्र
राज्य में एसआइआर अभियान ने रफ्तार पकड़ ली है. निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने 83.40 प्रतिशत मतदाताओं तक इन्यूमरेशन फॉर्म (गणना प्रपत्र) पहुंचा दिया है. राज्य के 5,336 मतदान केंद्र ऐसे हैं, जहां बीएलओ ने 100 प्रतिशत मतदाताओं को इन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध करा दिया है. आयोग का कहना है कि घर-घर जाकर फॉर्म वितरण का कार्य लगातार जारी है और शेष मतदाताओं तक भी जल्द फॉर्म पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. निर्वाचन आयोग ने सभी बीएलओ को निर्देश दिया है कि फॉर्म वितरण के साथ-साथ भरे हुए इन्यूमरेशन फॉर्म समय पर प्राप्त कर उनका डिजिटाइजेशन भी सुनिश्चित करें. साथ ही मतदाताओं से एसआइआर के रिकॉर्ड के आधार पर मैपिंग कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे फॉर्म प्राप्त होने के बाद उसे सही जानकारी के साथ भरकर जल्द अपने बीएलओ को जमा करें, ताकि मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाया जा सके. राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत मतदाता सूची के शुद्धिकरण, नये मतदाताओं के पंजीकरण और त्रुटियों के सुधार का कार्य निर्धारित समय-सीमा के अंदर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
एसआइआर के कारण रांची के एसआरओ पद पर नये अधिकारी के योगदान पर रोक
एसआइआर कार्य को देखते हुए रांची के विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी (एसआरओ) के पद पर नये अधिकारी के योगदान पर फिलहाल रोक लगा दी गयी है. उपायुक्त रांची द्वारा जारी आदेश के अनुसार, नवनियुक्त विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी अजय कुमार तिर्की से इस पद पर कार्य नहीं लिया जा सकेगा और उन्हें अविलंब कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग में अपना योगदान देने का निर्देश दिया गया है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि वर्तमान में रांची की विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी द्वारा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का म महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा रहा है. है. ऐसी परिस्थिति में यदि उन्हें इस पद से विरमित किया जाता है, तो मतदाता सूची के इस विशेष कार्य के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है. इसी परिप्रेक्ष्य में यह निर्णय लिया गया है. कार्मिक विभाग की अधिसूचना के तहत मोनी कुमारी का तबादला श्रम नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर किया गया था. वहीं, सरायकेला-खरसावां से विरमित होकर अजय कुमार तिर्की ने तीन जुलाई को रांची के विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी के रूप में अपना योगदान दिया था. लेकिन मतदाता सूची के कार्य की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रांची ने नया आदेश जारी कर अजय कुमार तिर्की को कार्मिक विभाग वापस भेज दिया है.
रांची और हटिया समेत छह विधानसभा क्षेत्रों में नये एइआरओ की तैनाती
एसआइआर को गति देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने छह विधानसभा क्षेत्रों में नये सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों (एइआरओ) की नियुक्ति की है. आयोग ने इस संबंध में अधिसूचना जारी करते हुए अगस्त 2023 की पूर्व अधिसूचना में संशोधन किया है. नयी व्यवस्था एसआइआर की समाप्ति तक प्रभावी रहेगी. रांची विधानसभा क्षेत्र के लिए हटिया के आवासीय दंडाधिकारी को सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं, हटिया विधानसभा क्षेत्र में रातू के अंचल अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गयी है. है. खिजरी विधानसभा क्षेत्र में ओरमांझी के बीडीओ, सिल्ली विधानसभा क्षेत्र में सिल्ली के बीडीओ, तमाड़ विधानसभा क्षेत्र में तमाड़ के बीडीओ तथा पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र में पाकुड़ अनुमंडल के कार्यपालक दंडाधिकारी को एइआरओ नियुक्त किया गया है. निर्वाचन आयोग की सचिव तनुज कुमारी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इन अधिकारियों की नियुक्ति केवल एसआइआर के दौरान मतदाता सूची से जुड़े कार्यों के लिए की गयी है. अभियान समाप्त होने के बाद यह अतिरिक्त प्रभार स्वतः समाप्त हो जायेगा. आयोग का मानना है कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को यह जिम्मेदारी देने से मतदाता सूची के शुद्धीकरण, नये मतदाताओं का पंजीकरण, नाम और पते में सुधार तथा दोहरी या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाने का कार्य अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा.
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