रांची. जीएफटीए स्टूडियो थिएटर, हरमू हाउसिंग कॉलोनी में एक दिवसीय ‘व्यंग्य के रंग’ नाट्य उत्सव का आयोजन किया गया. हास्य कवि पद्मश्री अशोक चक्रधर की व्यंग्यात्मक कविताओं पर आधारित इस आयोजन में समाज के विभिन्न पहलुओं पर कटाक्ष करते हुए दो प्रमुख नाटकों का मंचन हुआ. कार्यक्रम और दोनों नाट्य प्रस्तुतियों की परिकल्पना व निर्देशन राजीव सिन्हा ने किया.
‘हंसी भी... व्यंग्य भी... और समाज की सच्ची बात भी...’ संदेश के साथ आयोजित नाट्य उत्सव को दर्शकों ने खूब सराहा. प्रस्तुतियों के माध्यम से हास्य और व्यंग्य के जरिए सामाजिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को सामने रखा गया.
‘साजिश का धुआं’ में कलाकारों ने किया अभिनय
कार्यक्रम में ‘साजिश का धुआं’ नाटक का भी मंचन किया गया. इसमें अनन्या भारद्वाज, आयुष राज ठाकुर, उत्सव कुमार पांडे, सोनू रुद्र, सोनू कुमार महतो और ऑगस्टिन सुरिन ने अभिनय किया.
‘गरीबदास का शून्य’ में सिस्टम पर व्यंग्य
‘गरीबदास का शून्य’ नाटक के माध्यम से सिस्टम, भ्रष्टाचार, रिश्वत और फाइलों के जाल में उलझे आम आदमी की स्थिति पर व्यंग्यात्मक प्रहार किया गया. नाटक में शिव शक्ति राय, सौरभ कुमार, आनंद वशिष्ठ, अंकिता प्रजापति, प्रतिभा प्रजापति, श्रीचा कुमारी, राज लक्ष्मी शर्मा, नूतन सिन्हा और सुप्रिया कुमारी ने प्रमुख भूमिकाएं निभायीं.
दोनों प्रस्तुतियों में हास्य और व्यंग्य के माध्यम से सामाजिक परिस्थितियों को दर्शकों के सामने रखने का प्रयास किया गया.
