स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड पहुंचा सारंडा सैंक्चुअरी का मामला, SC में 23 जुलाई को होगी सुनवाई

Saranda Wildlife Sanctuary: झारखंड सरकार को एनजीटी ने सारंडा में वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी बनाने का निर्देश दिया था. लेकिन सरकार ने इसका पालन नहीं किया, जिस वजह से मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया. सर्वोच्च न्यायालय में 23 जुलाई 2025 को मामले पर सुनवाई होगी.

Saranda Wildlife Sanctuary | सुनील चौधरी, रांची: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा वन क्षेत्र में वन्य जीव अभयारण्य (वाइल्ड लाइफ सैंक्चुअरी) की घोषणा का मामला स्टेट वाइल्ड बोर्ड को भेज दिया गया है. इस बोर्ड के अध्यक्ष मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं. सूत्रों ने बताया कि एक अगस्त को बोर्ड की बैठक संभावित है. इसी दिन सैंक्चुअरी पर फैसला लिया जा सकता है. इधर, सुप्रीम कोर्ट में 23 जुलाई को मामले की सुनवाई है. सूत्रों ने बताया कि कोर्ट में अपडेट रिपोर्ट पेश की जायेगी और कुछ समय की मांग की जायेगी.

एक्सपर्ट कमेटी की अनुशंसाः खनन भी हो, सैंक्चुअरी भी

गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी अनुशंसा भेज दी है. इसमें इस बात पर जोर दिया गया है कि खनन कार्य भी बाधित न हो और वन्य जीवों का भी संरक्षण हो. इसके लिये सैंक्चुअरी को पश्चिम दिशा की ओर ज्यादा बढ़ाने की अनुशंसा की गयी है. वजह है कि प्रस्तावित सैंक्चुअरी के दायरे में चिड़िया माइंस समेत कई प्रमुख लौह अयस्क खदान आ रहे हैं.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

इको सेंसेटिव जोन

इस पर कमेटी ने सुझाव दिया है कि पश्चिम दिशा की ओर बढ़ाने पर वन संरक्षण भी होगा और खदानों का भी संरक्षण होगा. भविष्य के लिये लौह अयस्क समेत अन्य खनिजों की जरूरत पूरे देश को है. इसलिए सैंक्चुअरी के निर्धारित क्षेत्र को लौह अयस्क खदान वाले क्षेत्र को बचाते हुए घोषित करना श्रेयस्कर होगा. साथ ही सैंक्चुअरी के एक किमी के दायरे में ही इको सेंसेटिव जोन घोषित करने का भी आग्रह किया गया है.

क्या है मामला

बता दें कि एनजीटी ( नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने सारंडा में वन्य जीव अभयारण्य बनाने का निर्देश दिया था. लेकिन राज्य सरकार द्वारा इसका पालन नहीं किये जाने पर मामला सुप्रीम कोर्ट में चला गया. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया था.

29 अप्रैल को सुनवाई के दौरान दायर हलफनामे में वन विभाग ने कहा कि अब राज्य सरकार ने 31468.25 हेक्टेयर के मूल प्रस्ताव के स्थान पर 57519.41 हेक्टेयर क्षेत्र को वन्य जीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित करने का प्रस्ताव किया है. 13.06 किलोमीटर क्षेत्र को संरक्षण रिजर्व के रूप में अधिसूचित करने का प्रस्ताव किया गया है. मामले के अनुपालन पर 23 जुलाई 2025 को सुनवाई होगी.

यह भी पढ़ें: Nowcast Weather Warning: सावधान! अगले 2 घंटे में रांची समेत 9 जिलों में वर्षा-वज्रपात का येलो अलर्ट, तेज हवाएं भी चलेंगी

यह भी पढ़ें: दूसरी सोमवारी पर बाबा धाम में उमड़ा भक्ति का जनसैलाब, 3 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किया जलार्पण

यह भी पढ़ें:इसे भी पढ़ें : दूसरी सोमवारी पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजा बाबाधाम, 2 लाख से कांवरियों ने किया जलार्पण, देखें PHOTOS

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Rupali Das

नमस्कार! मैं रुपाली दास, एक समर्पित पत्रकार हूं. एक साल से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. वर्तमान में प्रभात खबर में कार्यरत हूं. यहां झारखंड राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण सामाजिक, राजनीतिक और जन सरोकार के मुद्दों पर आधारित खबरें लिखती हूं. इससे पहले दूरदर्शन, हिंदुस्तान, द फॉलोअप सहित अन्य प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ भी काम करने का अनुभव है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >