ED की टीम से साहिबगंज डीसी ने कहा था, ''मैं IPS अफसर रहा हूं, मुझे कानून मत सिखाओ''

साहिबगंज अवैध खनन के सिलसिले में साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव से ईडी कई बार पूछताछ कर चुका है. ईडी ने अवैध खनन मामले में पत्थर भरे ट्रकों से लदे स्टीमर के गंगा नदी में डूबने की भी जांच की.

शकील अख्तर, रांची :

‘मैं आइपीएस अफसर रहा हूं, मुझे कानून मत सिखाओ.’ साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव ने अवैध खनन घोटाले की जांच के दौरान इडी एक अधिकारी द्वारा पूछे सवाल के जवाब में तुनकते हुए उक्त बातें कही थीं. सिर्फ इतना ही नहीं, तीन जनवरी को छापा मारने पहुंची इडी के अफसर पर भी रोब जमाने की कोशिश की. हालांकि, आफिस से नकद और प्रतिबंधित हथियारों की गोलियां मिलने के बाद पस्त पड़ गये.

साहिबगंज अवैध खनन के सिलसिले में साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव से ईडी कई बार पूछताछ कर चुका है. ईडी ने अवैध खनन मामले में पत्थर भरे ट्रकों से लदे स्टीमर के गंगा नदी में डूबने की भी जांच की. जांच में इस स्टीमर का संचालन राजेश यादव उर्फ दाहू यादव द्वारा करने की पुष्टि हुई. इडी ने स्टीमर के मालिक के साथ किये गये एकरारनामे की जांच और पूछताछ के बाद यह पाया कि इस स्टीमर पर दाहू यादव का नियंत्रण था. लेकिन, उस दुर्घटना के सिलसिले में उपायुक्त ने पत्र संख्या 674(दिनांक 26-7-2022) के माध्यम से यह सूचित किया था कि स्टीमर अवैध रूप से चलाया जा रहा था. गंगा नदी में साहिबगंज और बिहार के बीच इसे चलाने की अनुमति नहीं थी.

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स्टीमर दुर्घटना के सिलसिले में थाने में एक प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, लेकिन इसमें दाहू यादव को अभियुक्त नहीं बनाया गया था. इस तथ्य की जानकारी मिलने के बाद इडी के कनीय अधिकारी ने उपायुक्त से जानना चाहा था कि प्राथमिकी में दाहू यादव को अभियुक्त क्यों नहीं बनाया गया? जबकि, स्टीमर दाहू यादव चलवाता था. इडी के अधिकारी द्वारा पूछे गये इस सवाल के जवाब में उपायुक्त ने तुनक कर यह कहा था : मैं आइपीएस अफसर रहा हूं, मुझे कानून मत सिखाओ कि किसे अभियुक्त बनाना चाहिए और किसे नहीं. उल्लेखनीय है कि राम निवास यादव पहले आइपीएस अफसर थे. बाद में आइएएस बने.

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छापेमारी के दिन भी अकड़ रहे थे उपायुक्त : 

साहिबगंज के उपायुक्त राम निवास यादव ने बीते तीन जनवरी को हुई छापेमारी के दौरान भी इडी के अफसरों को डराने की कोशिश की. हालांकि, नाकाम रहे. इडी के अफसरों की टीम तीन जनवरी को अलसुबह ही उनके सरकारी बंगले पर पहुंच गयी. इडी की टीम पर नजर पड़ते ही उपायुक्त ने रौब जमाने की कोशिश की. कड़क कर पूछा : डीसी के सरकारी बंगले में आप लोग बिना परमिशन के अंदर कैसे आ गये? जवाब में इडी ने उन्हें सर्च वारंट पकड़ा दिया. कहा कि हम लोग आपसे भी बड़े-बड़े अफसरों के घर में घुस चुके हैं. जिस के घर में घुसे वे सालों से अंदर हैं. जवाब सुन कर डीसी साहब खामोश हो गये. तलाशी के दौरान गोलियां और नकदी मिलने के बाद डीसी साहब पूरी तरह पस्त हो गये.

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