खलारी. रोहिणी परियोजना की खदान में शुक्रवार को हुई हैवी ब्लास्टिंग के बाद ढुब बस्ती में कई घरों पर पत्थरों के टुकड़े गिरने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. ब्लास्टिंग के दौरान उड़े पत्थरों से कुछ घरों की एस्बेस्टस एवं करकट की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं. हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ.
ग्रामीणों ने बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान पत्थरों के टुकड़े उड़कर बस्ती तक पहुंच रहे हैं, जिससे किसी भी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.पत्थर का टुकड़ा अजय गंझू और मनोज गंझू के घरों पर पत्थर गिरने से छत को नुकसान पहुंचा है. लोगों ने बताया कि खदान की नजदीकी के कारण वे लगातार भय के साये में रहने को मजबूर हैं.
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में परियोजना प्रबंधन को पहले भी कई बार अवगत कराया गया है और हैवी ब्लास्टिंग नहीं करने का आग्रह किया गया था. साथ ही वार्ता के दौरान यह भी मांग उठाई गई थी कि प्रबंधन पहले प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करे, क्योंकि खदान आबादी के बेहद करीब संचालित हो रही है.
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दोबारा इस तरह की हैवी ब्लास्टिंग की गई और किसी प्रकार की जान-माल की क्षति हुई, तो वे रोहिणी परियोजना की खदान का संचालन बंद कराने के लिए आंदोलन करने को बाध्य होंगे.
