Ratu Road Redevelopment Project: झारखंड सरकार की बिल्डिंग री-डेवलपमेंट प्लांट ऑन गवर्नमेंट लैंड योजना के तहत राजधानी में खाली पड़ी सरकारी जमीन का आधुनिक तरीके से उपयोग करने की दिशा में काम तेज हो गया है. इसी कड़ी में रातू रोड स्थित दुर्गा मंदिर के पीछे करीब 5.7 एकड़ सरकारी भूमि के पुनर्विकास की विस्तृत योजना बनी है. परियोजना का डिजाइन अंतिम रूप ले चुका है और इसके निर्माण की जिम्मेदारी नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन को सौंपी गई है. प्रस्तावित साइट प्लान के अनुसार यह परियोजना केवल आवासीय परिसर तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसमें आवास, व्यावसायिक भवन, पार्किंग, क्लब हाउस, हरित क्षेत्र और अन्य आधुनिक सुविधाएं एक ही परिसर में विकसित की जाएंगी.
सात आधुनिक आवासीय टावर होंगे तैयार
प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार परिसर में अलग-अलग ऊंचाई के कुल सात आवासीय टावर बनाए जाएंगे. इनमें बेसमेंट ग्राउंड प्लस 18, बी जी 10 और बी जी 8 का होगा. इसके अलावा परिसर में बी जी आठ मंजिला बड़ा कॉमर्शियल ब्लॉक भी प्रस्तावित है. जिससे सरकारी कार्यालयों, व्यावसायिक गतिविधियों और अन्य सेवाओं को एक ही परिसर में विकसित किया जा सकेगा.
पार्क, क्लब हाउस और वॉकिंग पाथ की सुविधा
परियोजना में निवासियों के लिए पर्याप्त हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा. साइट प्लान के अनुसार बीच में बड़ा खुला पार्क, क्लब हाउस, बच्चों के खेलने की जगह, आंतरिक सड़कें, वॉकिंग पाथ, विजिटर पार्किंग, स्टिल्ट पार्किंग और पर्याप्त खुली जगह रखी गई है. परिसर में इलेक्ट्रिकल सब-स्टेशन, भूमिगत जलाशय (यूजीटी), सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) और अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं की भी व्यवस्था की गई है. योजना में आवासीय और व्यावसायिक परिसर के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार प्रस्तावित किए गए हैं. परिसर के भीतर नौ मीटर चौड़ी सड़कें विकसित होंगी, जिससे वाहनों की आवाजाही आसान रहेगी. पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था होने से सड़क पर गाड़ियों का दबाव भी कम होगा.
कुसई कॉलोनी में बनेगा मल्टीपरपस हॉल
राज्य सरकार इसी योजना के तहत शहर की अन्य सरकारी जमीनों का भी विकास कर रही है. कुसई कॉलोनी की लगभग 2.5 एकड़ भूमि और बिजली विभाग की कॉलोनी की करीब दो एकड़ जमीन पर आधुनिक मल्टीपरपस हॉल बनाने का प्रस्ताव है. इन दोनों परियोजनाओं का भी डीपीआर तैयार कर डिजाइन अंतिम रूप दिया जा चुका है. इन कार्यों का निर्माण भी एनबीसीसी के माध्यम से कराया जाएगा.
आधुनिक बुनियादी ढांचों का होगा विस्तार
सरकार का उद्देश्य वर्षों से खाली पड़ी सरकारी जमीन का सुनियोजित विकास कर उसे राजस्व बढ़ाने, आधुनिक शहरी सुविधाओं और बेहतर सार्वजनिक उपयोग के लिए विकसित करना है. अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाओं से राजधानी में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विस्तार होगा और सरकारी परिसंपत्तियों (government asset) का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा.
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