नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर को अब बंधुआ मजदूर बनाने पर तुला विभाग : एसोसिएशन

उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विवि में कार्यरत नीड बेस्ट टीचर के लिए मानदेय भुगतान से पूर्व मांगी जा रही कई सूचनाओं का शिक्षकों ने विरोध किया है.

रांची. उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा विवि में कार्यरत नीड बेस्ट टीचर के लिए मानदेय भुगतान से पूर्व मांगी जा रही कई सूचनाओं का शिक्षकों ने विरोध किया है. नीड बेस्ड असिस्टेंट प्रोफेसर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ त्रिभुवन कुमार साही ने इसे विभाग का तुगलकी फरमान कहा है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा जारी पत्र बंधुआ मजदूर बनाने के समान है. असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए यह उचित नहीं है. डॉ साही ने कहा कि रेगुलर बहाली होने के बाद संकल्प संख्या 2040 में दिये प्रावधान के अनुसार हटाने का उल्लेख किया गया है, जो उचित नहीं है. इसी प्रकार गैर शैक्षणिक कार्य के लिए प्राचार्य, हेड और एकेडमिक इंचार्ज के हवाले करना भी उचित नहीं है. शिक्षकों ने कहा कि एक तो समय पर मानदेय का भुगतान नहीं हो रहा है, दूसरी तरफ बिल प्रोसेस को इतना जटिल बना दिया है कि समय पर कभी पूरा पैसा मिलेगा ही नहीं. विद्यार्थियों का फीड बैक भी एक तरह से तुगलकी फरमान है. डॉ साही ने सकंल्प संख्या 1040 में संशोधन करने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >