Ranchi School Van, रांची (राजेश झा): स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को समाहरणालय स्थित ‘बी’ ब्लॉक के कक्ष संख्या-307 में एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में स्कूली बसों और वैन के संचालन को लेकर कड़े सुरक्षा मानकों पर चर्चा की गई. झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस दौरान स्कूल वाहनों में नियमों की अनदेखी का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की.
वैन संचालन में नियमों की धज्जियां उड़ाने पर चिंता
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने बैठक में कहा कि प्रशासन की नजर बसों पर तो रहती है, लेकिन स्कूल वैन पूरी तरह निगरानी से बाहर हैं. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि शहर की सड़कों पर कई वैन बिना फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध परमिट और जरूरी सुरक्षा मानकों के दौड़ रही हैं. सबसे खतरनाक बात यह है कि इन वैन में क्षमता से दोगुने बच्चों को भेड़-बकरी की तरह बैठाया जाता है, जिससे हर समय बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है.
सुरक्षा मानकों के बिना नो एंट्री
एसोसिएशन ने मांग रखी कि हर स्कूली वाहन (बस और वैन दोनों) में सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम, फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशमन यंत्र), फर्स्ट एड किट और स्पीड गवर्नर अनिवार्य रूप से लगा होना चाहिए. इसके अलावा, बच्चों की सुरक्षा के लिए चालकों और सहायकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए. प्रत्येक वाहन में कम से कम एक जिम्मेदार स्टाफ की मौजूदगी हो, जो बच्चों के चढ़ने-उतरने की निगरानी कर सके.
ओवरलोडिंग पर जीरो टॉलरेंस की मांग
अभिभावक संघ ने प्रशासन से आग्रह किया कि ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाए. विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों को जब्त किया जाए जिनके पास कागजात अधूरे हैं. एसोसिएशन ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यदि वैन और बसों पर समान सख्ती बरती गई, तो बच्चों का सफर सुरक्षित हो सकेगा.
