रांची, (विपिन की रिपोर्ट): रांची के सदर अस्पताल ने अपने उत्कृष्ट उपचार मॉडल और पारदर्शी प्रबंधन के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाई है. महाराष्ट्र के पुणे में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय चिंतन शिविर’ में सदर अस्पताल को अपना मॉडल पेश करने का विशेष अवसर मिला. इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के तहत त्रुटिरहित डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया के लिए झारखंड को देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ, जबकि उत्तर प्रदेश इस सूची में दूसरे स्थान पर रहा.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने झारखंड को सराहा
इस उपलब्धि के लिए नेशनल हेल्थ अथॉरिटी के सीईओ सुनील कुमार वर्णवाल ने झारखंड की टीम को सम्मानित किया. इस सम्मान पर हर्ष व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि यह राज्य में पारदर्शिता, उच्च गुणवत्ता और प्रभावी स्वास्थ्य प्रबंधन का प्रमाण है. अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी इसे पूरी टीम की कड़ी मेहनत और निरंतर प्रयास का परिणाम बताया.
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डेटा और आंकड़ों में बड़ी सफलता
सदर अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक कुल 2,02,859 मरीजों का उपचार कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है. आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2025-26 में अब तक 32,100 मामलों में 40 करोड़ रुपये का क्लेम दर्ज किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में काफी अधिक है. अस्पताल अब तक कुल 125 करोड़ रुपये का क्लेम दर्ज कर चुका है, जो उसकी कार्यकुशलता को दर्शाता है.
क्वालिटी केयर और बेहतर मैनेजमेंट
प्रजेंटेशन के माध्यम से अस्पताल की टीम ने बताया कि किस तरह मरीजों की क्लेम प्रक्रिया (प्री-ऑथ) और पेशेंट मैनेजमेंट को सरल और पारदर्शी बनाया गया है. पिछले एक वर्ष में ही 55,968 से अधिक मरीजों ने ओपीडी में इलाज कराया है. इस राष्ट्रीय मंच पर विशेषज्ञों ने सदर अस्पताल रांची के ‘पेशेंट-फर्स्ट’ अप्रोच की सराहना की और इसे अन्य सरकारी अस्पतालों के लिए अनुकरणीय बताया.
