रांची के रिम्स में नवजात को छोड़ कर गये माता-पिता से हुआ संपर्क

गौरतलब है कि 28 दिसंबर को रिम्स में बच्चे को भर्ती कराया गया था. भर्ती कराने के बाद माता-पिता बच्चे को छोड़ कर चले गये. इससे संबंधित खबर प्रभात खबर में 11 जनवरी को छपी थी.

रांची : रिम्स के नियोनेटोलॉजी विभाग में भर्ती असहाय नवजात को माता-पिता का सहारा मिलने की उम्मीद जगी है. प्रभात खबर में खबर छपने और पुलिस के प्रयास से नवजात के पिता से संपर्क हुआ है. नवजात के पिता ने डॉक्टर को फोन पर आश्वासन दिया है कि वह शनिवार को रिम्स आयेंगे. बताया जाता है कि रिम्स में भर्ती प्री-मैच्योर नवजात की स्थिति पहले से खराब हो गयी है. बच्चे को वेंटिलेटर पर रख कर इलाज किया जा रहा है. विभागाध्यक्ष डॉ राजीव मिश्रा ने बताया कि बच्चे का वजन घट कर एक किलो रह गया है. इसलिए जीवन रक्षक उपकरण पर रखा गया है. बच्चे को बचाने का प्रयास किया जा रहा है. पिता से फोन पर बात हुई है. उन्होंने 13 जनवरी को आने की बात कही. गौरतलब है कि 28 दिसंबर को रिम्स में बच्चे को भर्ती कराया गया था. भर्ती कराने के बाद माता-पिता बच्चे को छोड़ कर चले गये. इससे संबंधित खबर प्रभात खबर में 11 जनवरी को छपी थी.

12 दिन बाद भी स्वास्थ्य सचिव की नियुक्ति नहीं

रांची. स्वास्थ्य विभाग बिना सचिव के चल रहा है. पिछले सचिव अरुण कुमार सिंह 30 दिसंबर को सेवानिवृत हो गये है. उनके सेवानिवृत होने के बाद विभाग की नयी जिम्मेदारी किसी आइएएस को नहीं दी गयी है. ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के कई महत्वपूर्ण फाइल पर निर्णय नहीं हो पाया है. यह स्थिति करीब 15 दिनोंं से बनी हुई है. इधर, सचिव के लिए दो आइएएस का नाम चर्चा में है. हालांकि इस पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है. इधर, स्वास्थ्य सचिव की नियुक्ति पर फैसला नहीं होने की वजह से रिम्स निदेशक पर भी निर्णय नहीं हो पाया है. फिलहाल प्रभारी निदेशक डॉ राजीव कुमार गुप्ता महत्वपूर्ण निर्णय लेने से कतरा रहे हैं, क्योंकि वह इसी माह की 31 तारीख को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. उन्होंने भी स्थायी निदेशक की नियुक्ति के लिए साक्षात्कार दिया है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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