ड्रोन से होगी रथ यात्रा मेले की निगरानी, सादे कपड़ों में घूमेगी पुलिस, DGP ने रांची पुलिस को दिए 'नो मिस्टेक' निर्देश

रांची की भव्य जगन्नाथपुर रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं. श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि रखते हुए DGP ने कड़े सुरक्षा निर्देश दिए हैं. ड्रोन और CCTV से निगरानी, सादे कपड़ों में पुलिस की तैनाती और आपातकालीन टीमों की अलर्ट पर विशेष जोर दिया गया है.

रांची : राजधानी रांची की ऐतिहासिक और लाखों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी भव्य जगन्नाथपुर रथ यात्रा की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं. इस आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए झारखंड पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. खुद झारखंड पुलिस की निदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा ने धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर परिसर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों के साथ पूरे मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और रथ यात्रा के रूट का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया.

श्रद्धालुओं की सुरक्षा टॉप प्रायोरिटी

निरीक्षण के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने सुरक्षा के हर छोटे-बड़े बिंदु की बारीकी से समीक्षा की. उन्होंने रथ यात्रा मार्ग, बैरिकेडिंग, एंट्री-एग्जिट प्वाइंट (प्रवेश और निकास व्यवस्था), वीआईपी मूवमेंट, पार्किंग एरिया, मुख्य कंट्रोल रूम और मेला क्षेत्र के संवेदनशील इलाकों की मैपिंग देखी. अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए डीजीपी ने स्पष्ट कहा कि लाखों की भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की अचूक सुरक्षा और उनकी सुविधा ही पुलिस प्रशासन की सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए.

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भीड़ कंट्रोल के लिए लगेंगे सीसीटीवी और ड्रोन

सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए इस बार आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है. डीजीपी के निर्देशानुसार पूरे मेला क्षेत्र और संवेदनशील प्वाइंट्स पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई गई है, जबकि आसमान से निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा. भीड़ नियंत्रण (Crowd Management) के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ, पॉकेटमारों और असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में (Plain Clothes) महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड अलर्ट

किसी भी आपात स्थिति या मेडिकल इमरजेंसी से तुरंत निपटने के लिए मेला परिसर में क्विक रिस्पांस टीम (QRT), एंबुलेंस के साथ आपातकालीन चिकित्सा दल और फायर ब्रिगेड (अग्निशमन दल) को हर वक्त अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है. इसके अलावा डीजीपी ने जगन्नाथपुर मंदिर मौसी बाड़ी समिति के सदस्यों के साथ भी एक महत्वपूर्ण बैठक की. उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि मंदिर समिति और स्थानीय श्रद्धालुओं से मिले महत्वपूर्ण सुझावों पर तुरंत अमल किया जाए ताकि ट्रैफिक और दर्शन व्यवस्था को और ज्यादा सुगम बनाया जा सके.

ऐतिहासिक धार्मिक महापर्व को सुगम और सुरक्षित बनाने का संकल्प

जगन्नाथपुर रथ यात्रा रांची की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का एक बहुत बड़ा प्रतीक है, जिसमें हर साल झारखंड समेत पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. झारखंड पुलिस की इस चौकसी और कड़े सुरक्षा ब्लूप्रिंट का एकमात्र लक्ष्य यही है कि आस्था के इस महापर्व में शामिल होने वाले देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और भक्तिमय माहौल मिल सके और वे बिना किसी परेशानी के भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकें.

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Published by: Sameer Oraon

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.
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