कांके से राजेश वर्मा की रिपोर्ट
Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र के सुकुरहुट्टू गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब अपराधियों ने एक घर में घुसकर फायरिंग कर दी. घटना में घर के मालिक शिव महतो बाल-बाल बच गए. फायरिंग की आवाज से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग दहशत में आ गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने घटनास्थल से दो खोखा और एक जिंदा गोली बरामद की है.
घर में घुसकर की गई फायरिंग
मिली जानकारी के अनुसार, सुकुरहुट्टू गांव निवासी शिव महतो अपने घर में मौजूद थे. इसी दौरान दो अपराधी अचानक उनके घर में घुस आए और उन पर फायरिंग कर दी. हालांकि, किस्मत अच्छी रही कि गोली शिव महतो को नहीं लगी और वे किसी तरह बाल-बाल बच गए. फायरिंग के बाद दोनों अपराधी मौके से फरार हो गए. गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी घरों से बाहर निकल आए, लेकिन तब तक हमलावर भाग चुके थे.
इलाके में दहशत का माहौल
घटना के बाद पूरे गांव में डर और दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह घर में घुसकर फायरिंग की घटना से लोग सहम गए हैं. लोगों ने बताया कि फायरिंग की आवाज सुनकर पहले तो किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हुआ है, लेकिन जब जानकारी मिली तो पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई.
मौके से दो खोखा और एक जिंदा गोली बरामद
घटना की सूचना मिलते ही कांके पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया. पुलिस ने मौके से दो खाली खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है. आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है, ताकि हमलावरों की पहचान हो सके.
थानेदार की कार्यशैली पर सवाल
कांके थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. इलाके में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के बीच अब थानेदार की भूमिका पर भी उंगलियां उठने लगी हैं. आरोप है कि थाना प्रभारी अपराध पर अंकुश लगाने के बजाय जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर काम करने में ज्यादा मशगूल हैं. इसी मामले को लेकर एक आदिवासी महिला ने झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और थानेदार के खिलाफ क्रिमिनल रिट दायर की है.
जमीन कारोबारियों से साठगांठ का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कांके इलाके में जमीन का खेल तेजी से चल रहा है और इसमें कुछ जमीन कारोबारी खुलेआम सक्रिय हैं. आरोप यह भी लगाया जा रहा है कि थानेदार इन कारोबारियों को संरक्षण दे रहे हैं, जिसकी वजह से विवाद और आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही हैं. ग्रामीणों का कहना है कि कई मामलों में जमीन पर कब्जा कराने के लिए दबंगों के जरिए मकान तक तोड़वा दिए जा रहे हैं, लेकिन पुलिस कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे रहती है.
झारखंड हाईकोर्ट में दायर हुई क्रिमिनल रिट
मामले को लेकर एक आदिवासी महिला ने सीधे झारखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर की है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि जमीन विवाद में स्थानीय पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और उल्टे जमीन कारोबारियों को संरक्षण दिया गया. महिला ने कोर्ट से मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है.
इसे भी पढ़ें: चक्रधरपुर में तेज रफ्तार गाड़ी की चपेट में आने से महिला की मौत, ग्रामीणों ने सड़क किया जाम
कानून-व्यवस्था पर उठ रहे बड़े सवाल
इलाके में लगातार हो रही घटनाओं और जमीन विवादों को लेकर अब कांके थाना की कार्यशैली सवालों के घेरे में आ गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन मामलों पर सख्ती से कार्रवाई नहीं की गई, तो इलाके में अपराध और जमीन विवाद की घटनाएं और बढ़ सकती हैं. फिलहाल पूरे मामले को लेकर लोगों की नजरें पुलिस-प्रशासन पर टिकी हैं.
इसे भी पढ़ें: हजारीबाग के बड़कागांव में नए थाना प्रभारी को अपराधियों की चुनौती, छर्री लदे हाईवा में लगाई आग
