Ranchi Crime News, रांची (अजय दयाल की रिपोर्ट): रांची पुलिस ने सेना और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (MES) में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले गोपनीय इनपुट के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने चुटिया थाना क्षेत्र स्थित शारदा कॉलोनी से गिरोह के सक्रिय सदस्य अरविंद प्रसाद को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है.
शारदा कॉलोनी में छिपकर रह रहा था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी अरविंद प्रसाद मूल रूप से बिहार के आरा जिले का रहने वाला है, जो रांची में पहचान छिपाकर रह रहा था. सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और जाली पहचान पत्र बरामद हुए हैं. वह युवाओं को झांसे में लेने के लिए खुद को कभी सेना का अधिकारी तो कभी जांच एजेंसी का अफसर बताता था.
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70 लाख की ठगी और 7 आरोपियों पर केस
पुलिस जांच में अब तक एक दर्जन से अधिक युवाओं से करीब 70 लाख रुपये की ठगी की बात सामने आई है. इस संबंध में चुटिया थाना में कांड संख्या 45/2026 दर्ज की गई है. पुलिस ने अरविंद प्रसाद समेत कुल सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है. गिरोह के अन्य छह फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है.
कौन कौन सी चीजें हुई हैं बरामद
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से कई सामानों की बरामदगी हुई है, जिसमें दिल्ली क्राइम का फर्जी आईकार्ड, एमईएस (MES) के जाली पहचान पत्र, आर्मी कैंटीन के स्मार्ट कार्ड, डॉक्टरों की फर्जी मुहर और कई जाली ज्वाइनिंग लेटर शामिल है. इसके अलावा उसके पास से ट्रेनिंग बुकलेट, फर्जी प्रमाणपत्र और अन्य पहचान पत्र भी मिला है.
आपराधिक इतिहास और युवाओं को चेतावनी
पुलिस के अनुसार, अरविंद प्रसाद का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह लंबे समय से झारखंड व बिहार के भोले-भाले युवाओं को अपना शिकार बनाता रहा है. वह जाली दस्तावेजों के जरिये लोगों का भरोसा जीतता था. पुलिस ने अपील की है कि युवा नौकरी के नाम पर किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें और सेना की आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करें.
