रांची के सिटी एसपी शुभांशु जैन समेत झारखंड के दो पुलिस अफसर को होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सलेंस इन इन्वेस्टिगेशन

झारखंड की राजधानी रांची के सिटी एसपी शुभांशु जैन को केस के बेहतर अनुसंधान के लिए गृह मंत्री मेडल से सम्मानित किया जायेगा. गृह मंत्रालय की ओर से होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सलेंस इन इन्वेस्टिगेंशन के लिए चुने गये 140 पुलिस अफसरों की लिस्ट जारी कर दी गयी है. इसमें झारखंड के दो अफसर हैं.

झारखंड के दो पुलिस पदाधिकारियों को होम मिनिस्टर मेडल फॉर एक्सलेंस इन इन्वेस्टिगेशन के लिए चुना गया है. इनके नाम शुभांशु जैन और प्रमोद कुमार सिन्हा हैं. प्रमोद कुमार सिन्हा इंस्पेक्टर हैं, जबकि शुभांशु जैन राजधानी रांची के सिटी एसपी हैं. गृह मंत्रालय की ओर से यह जानकारी दी गयी है. केस के बेहतर अनुसंधान के लिए इस साल 140 पुलिस अफसरों को गृह मंत्री मेडल के लिए चुना गया है. इसमें झारखंड के दो पुलिस अफसर शामिल हैं. हर साल 12 अगस्त को इस पुरस्कार की घोषणा की जाती है. स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त को यह मेडल प्रदान किया जाता है.

सीबीआई के सबसे ज्यादा 15 अफसरों को मिलेगा गृह मंत्री मेडल

गृह मंत्रालय ने सभी पुलिस अफसरों की लिस्ट भी जारी कर दी है. इसमें राज्य पुलिस से लेकर केंद्रीय जांच एजेंसियों (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, नेशनल इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो) के पुलिस अफसर शामिल हैं. सबसे ज्यादा 15 मेडल सीबीआई के अधिकारियों को मिला है. इसके बाद नंबर है एनआईए का. एनआईए के 10 अफसरों को बेहतर अनुसंधान के लिए गृह मंत्री मेडल से सम्मानित किया जायेगा.

140 अफसरों में 22 महिला पुलिस अधिकारी

उत्तर प्रदेश, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, गुजरात के अलावा झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और अन्य राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस पदाधिकारियों को भी इस पुरस्कार के लिए चुना गया है. कुल 140 पुलिस अफसरों में 22 महिला पुलिस अफसर हैं, जिन्हें गृह मंत्री मेडल के लिए चुना गया है. बिहार के 4, छत्तीसगढ़ के 3, पश्चिम बंगाल के 8 और ओडिशा के 4 पुलिस अफसरों को यह मेडल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नयी दिल्ली में प्रदान किया जायेगा.

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शुभांशु जैन बोले – अब दूसरे केस की जांच में जुटे हैं

शुभांशु जैन को मार्च में रांची का सिटी एसपी बनाया गया था. इसके पहले वह लौहनगरी जमशेदपुर के एएसपी थे. मार्च में उनका तबादला रांची कर दिया गया था और सिटी एसपी की जिम्मेदारी दी गयी थी. शुभांशु जैन को जमशेदपुर के गोलमुड़ी में हुई एक हत्या की जांच के लिए यह पुरस्कार मिला है. इस प्रतिष्ठित मेडल के लिए चुने जाने पर उनकी प्रतिक्रिया पूछने पर रांची के सिटी एसपी ने कहा कि अब दूसरे केस के अनुसंधान में लग गये हैं. हर केस की बेहतर छानबीन की कोशिश करते हैं और यह उसी का नतीजा है.

गोलमुरी ट्रिपल मर्डर केस की जांच के लिए शुभांशु जैन को मिला मेडल

शुभांशु जैन ने प्रभात खबर को बताया कि जमशेदपुर के गोलमुरी में 21 जुलाई 2022 को ट्रिपल मर्डर हुआ था. इस मामले के उद्भेदन के लिए उन्हें गृह मंत्री मेडल के लिए चुना गया है. उस वक्त वह पूर्वी सिंहभूम के एएसपी थे. गोलमुरी पुलिस लाइन में महिला सिपाही सबिता हेम्ब्रम, उसकी मां लखिया मुर्मू एवं बेटी गीता हेम्ब्रम की धारदार हथियार से हत्या कर दी गयी थी. पूर्वी सिंहभूम के तत्कालीन एएसपी शुभांशु जैन के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था. इस ट्रिपल मर्डर केस में पुलिसकर्मी राम चंद्र जामुदा की गिरफ्तारी हुई थी.

नैना हत्याकांड की जांच के लिए इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार सिन्हा को मिला पदक

इस वर्ष का गृह मंत्री मेडल पाने वाले प्रमोद कुमार सिन्हा झारखंड के दूसरे पुलिस अधिकारी हैं. इंस्पेक्टर सिन्हा को वर्ष 2018 की एक घटना की जांच के लिए यह पुरस्कार मिला है. उन्होंने भी जमशेदपुर के ही एक केस को सुलझाया था. बर्मामाइंस इलाके के दास बस्ती में पांच साल की नैना की उसके ममेरे भाई ने हत्या कर दी थी. मामले की जांच इंस्पेक्टर प्रमोद सिन्हा को सौंपी गयी और कड़ियों को जोड़ते हुए उन्होंने इस केस को सुलझा लिया. नैना की हत्या करने वाले उसके ममेरे भाई विक्रम दास को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.

2018 में हुई मेडल फॉर एक्सलेंस इन इन्वेस्टिगेशन की शुरुआत

यहां बताना प्रासंगिक होगा कि गृह मंत्री मेडल की शुरुआत वर्ष 2018 में हुई थी. इस पदक का उद्देश्य पुलिसकर्मियों को किसी भी केस की बेहतर जांच के लिए प्रोत्साहित करना है. उसी साल यानी 2018 में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने के लिए पांच और पुलिस पदक की शुरुआत की थी. इसमें विशेष संचालन पदक, पुलिस आंतरिक सुरक्षा सेवा पदक, असाधारण कुशलता पदक, उत्कृष्ट एवं अति उत्कृष्ट सेवा पदक शामिल हैं.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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