Ranchi Child News, रांची (राजेश तिवारी): झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले सात वर्षीय मास्टर इशांक ने अपनी वीरता और असाधारण प्रतिभा से दुनिया को हैरान कर दिया है. इशांक ने श्रीलंका और भारत के बीच स्थित अत्यंत दुर्गम माने जाने वाले पाक जलडमरू मध्य (Palk Strait) को सफलतापूर्वक तैरकर पार करने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के तैराक बनने का गौरव हासिल किया है. समुद्र की ऊंची लहरों और विपरीत परिस्थितियों के बीच लगातार 9 घंटे और 50 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद, उन्होंने यह ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की है.
धनुषकोडी पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत
मास्टर इशांक ने श्रीलंका के तट से अपनी यात्रा शुरू की और कुल 29 किलोमीटर की दूरी तय कर तैराकी के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया. दोपहर 1 बजकर 50 मिनट पर उन्होंने जैसे ही धनुषकोडी के अरिचलमुनाई (भारत) के तट पर पहुंचे, वहां का नजारा बेहद गर्वपूर्ण था. रामेश्वरम की रेत पर अपना कदम रखने के साथ ही वहां पहले से मौजूद खेल पदाधिकारियों और प्रशंसकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और उनकी इस साहसिक सफलता पर खुशी जाहिर की.
सालों पुराना रिकॉर्ड हुआ ध्वस्त
इशांक की इस सफलता ने तमिलनाडु के तैराक जय जशवंत का रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले यह रिकॉर्ड जय जशवंत के नाम दर्ज था, जिन्होंने 28 मार्च 2019 को 10 वर्ष की उम्र में श्रीलंका के तलाईमन्नार से रामेश्वरम (धनुषकोड़ी) तक की 30 किलोमीटर की दूरी को 10 घंटे 30 मिनट में तैरकर पार किया था.
दुर्गम पाक स्ट्रेट की चुनौती
पाक स्ट्रेट अपनी भौगोलिक बनावट और समुद्री लहरों के कारण तैराकों के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है. इस दूरी को तय करने के लिए शारीरिक मजबूती के साथ-साथ जबरदस्त मानसिक साहस की भी आवश्यकता होती है. रांची के इशांक ने इस उपलब्धि के जरिये न केवल अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे भारत को वैश्विक स्तर पर गौरवान्वित किया है. स्थानीय खेल प्रेमियों और रांचीवासियों में इशांक की इस ऐतिहासिक जीत को लेकर जबरदस्त उत्साह है.
