बैरिकेड तोड़कर आये जनसैलाब ने लोगों को रौंद डाला, झारखंड के राम सुमिरन ने बताया महाकुंभ में भगदड़ का आंखों देखा हाल

Ram Sumiran of Jharkhand Briefs Mahakumbh Stampede: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के दौरान ऐसा क्या हुआ कि भगदड़ मच गई. झारखंड के राम सुमिरन ने इसे अपनी आंखों से देखा. उन्होंने बताया कि कैसे हुई घटना.

Mahakumbh Stampede|Ram Sumiran of Jharkhand| प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम त्रिवेणी के तट पर लगे महाकुंभ मेला क्षेत्र में मची भगदड़ में झारखंड की एक महिला की मौत हो गयी और एक अन्य महिला समेत सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हो गये. भगदड़ के बाद जब माहौल शांत हुआ, तो झारखंड के पलामू जिले के रहने वाले राम सुमिरन ने भगदड़ का आंखों देखा हाल बताया.

‘144 साल बाद पुण्य स्नान के अवसर को कोई गंवाना नहीं चाहता’

राम सुमिरन ने कहा कि 144 साल बाद यह पुण्य स्नान का यह अवसर आया है. कोई भी इस पुण्य अवसर को गंवाना नहीं चाहता. इसलिए देश-दुनिया से लोग संगम के तट पर खुले आसमान के नीचे डेरा डालकर पड़े थे. तभी अवरोधक तोड़कर एक जनसैलाब आया और उसने वहां सो रहे लोगों को रौंद डाला. भीड़ के नीचे दबने की वजह से लोगों की मौत हो गई.

घटना की सच्चाई बयां कर रहे घटनास्थल पर फैले जूते-चप्पल

राम सुमिरन ने बताया कि घटनास्थल पर फैले जूते-चप्पल और लोगों के कपड़े खुद घटना की सच्चाई बयां कर रहे हैं. इस भगदड़ की घटना में कई महिलाओं समेत अनेक लोग घायल हुए हैं. सुरक्षाकर्मियों ने एंबुलेंस में उन्हें अस्पताल पहुंचाया.

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‘नागा संन्यासियों की दर्शन की अभिलाषा में तट पर डटे थे श्रद्धालु’

राम सुमिरन कहते हैं कि अखाड़ों के नागा संन्यासियों के दर्शन करने की अभिलाषा में भी बहुत से लोग यहां आते हैं. त्रिवेणी और गंगा के तट पर बड़ी संख्या ऐसे श्रद्धालुओं की थी, जो नागा साधुओं के दर्शन करने के लिए तट पर डटे थे. राम सुमिरन ने कहा, ‘मुझे लगता है कि बहुत भाग्यशाली हैं वे लोग, जो गंगा के तट पर आकर मोक्ष को प्राप्त करते हैं.’

जो सोवत है, वो खोवत है. उठिए, उठिए, और स्नान करिये. आपके सुरक्षित रहने के लिए यह जरूरी है. बहुत लोग आयेंगे और भगदड़ मचने की आशंका है. आप पहले आ गये हैं, तो आपको सबसे पहले अमृत स्नान कर लेना चाहिए. सभी श्रद्धालुओं से निवेदन है कि उठें, उठें, उठें और स्नान करके वापस जाएं.

विजय विश्वास पंत, मंडलायुक्त, प्रयागराज

भीड़ देखकर प्रशासन को हो गया था हादसे का अंदेशा – राम सुमिरन

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन को महाकुंभ मेला क्षेत्र में करोड़ों की भीड़ देखकर संभवत: पहले ही हादसे का अंदेशा हो गया था. यही वजह है कि प्रयागराज के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत छोटे लाउडस्पीकर से बाकायदा मुनादी कर रहे थे. वह कह रहे थे, ‘सभी श्रद्धालु सुन लें. यहां (संगम तट) लेटे रहने से कोई फायदा नहीं है.’

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मंडलायुक्त माइक से कर रहे थे घोषणा – उठिए, स्नान करिये

मंडलायुक्त ने आगे कहा, ‘जो सोवत है, वो खोवत है. उठिए, उठिए, और स्नान करिये. आपके सुरक्षित रहने के लिए यह जरूरी है. बहुत लोग आयेंगे और भगदड़ मचने की आशंका है. आप पहले आ गये हैं, तो आपको सबसे पहले अमृत स्नान कर लेना चाहिए. सभी श्रद्धालुओं से निवेदन है कि उठें, उठें, उठें और स्नान करके वापस जाएं.’

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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