झारखंड हाईकोर्ट से राहुल गांधी को राहत, अमित शाह के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी मामले में नहीं होगी पीड़क कार्रवाई

एक हत्यारा सिर्फ भाजपा में ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है, कांग्रेस में ऐसे किसी व्यक्ति को अध्यक्ष नहीं बनाया जाता. राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर उनके खिलाफ वर्ष 2019 में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था.

झारखंड हाईकोर्ट ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद राहुल गांधी को बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने शुक्रवार (पांच जनवरी) को इस संबंध में दायर याचिका पर सुनवाई के बाद केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई अमर्यादित टिप्पणी मामले में राहुल गांधी के खिलाफ पीड़क कार्रवाई पर रोक को बरकरार रखा. जस्टिस अंबुज नाथ की कोर्ट ने राहुल गांधी के खिलाफ दायर मानहानि मामले की सुनवाई करते हुए निचली अदालत के फैसले का रिकॉर्ड जमा कराने का आदेश दिया. वर्ष 2018 में दिल्ली में कांग्रेस का महाधिवेशन हुआ था. इसमें राहुल गांधी ने अमित शाह पर गंभीर टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि एक हत्यारा सिर्फ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है, कांग्रेस में ऐसे किसी व्यक्ति को अध्यक्ष नहीं बनाया जाता. राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर उनके खिलाफ वर्ष 2019 में मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया था. नवीन झा नामक शख्स ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मानहानि का केस किया.

झारखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हैं तीन केस

इसी मामले में सुनवाई के बाद झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अंबुज नाथ ने यह आदेश दिया. राहुल गांधी ने वर्ष 2019 में चुनाव प्रचार के दौरान मोदी सरनेम पर भी विवादित बयान दिया था. इस मामले में भी उनके खिलाफ झारखंड में शिकायत दर्ज कराई गई थी. एक और मामला चाईबासा में दर्ज हुआ था. यानी विवादित बयानों के लिए झारखंड में राहुल गांधी के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं. पश्चिमी सिंहभूम के जिला मुख्यालय चाईबासा में प्रदीप कुमार ने उनके खिलाफ एक केस दर्ज करवाया था. इस मामले में उनके खिलाफ वारंट भी जारी हुआ था. हालांकि, झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें इस मामले में राहत मिल चुकी है.

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By Mithilesh Jha

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