राहुल गांधी की सदस्यता खत्म किये जाने से झारखंड कांग्रेस नाराज, राजेश ठाकुर बोले- केंद्र को महंगा पड़ेगा

Rahul Gandhi Disqualified|लोकसभा सचिवालय की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द किये जाने पर झारखंड कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस फैसले को अचंभित करने वाला करार दिया.

Rahul Gandhi Disqualified|लोकसभा सचिवालय की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता रद्द किये जाने पर झारखंड कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस फैसले को अचंभित करने वाला करार दिया. वहीं, झारखंड प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा ने कहा है कि राहुल गांधी से देश की तानाशाह सरकार डर गयी है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के दबाव में लोकसभा सचिवालय ने यह निर्णय लिया है.

हिंदुस्तान की राजनीति में कभी ऐसी ओछी हरकत नहीं हुई : राजेश ठाकुर

झारखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने इस फैसले को अचंभित करने वाला करार दिया. कहा कि उनका लगातार प्रयास था कि राहुल गांधी अदाणी के खिलाफ कुछ न बोलें. उन्हें लगातार बोलने से रोका जा रहा था. ये लोग लोकसभा में बोलने नहीं देना चाहते. हम पूरी तरह से राहुल गांधी के साथ खड़े हैं. उनके नेतृत्व में जो लड़ाई लड़ी जायेगी, वह केंद्र सरकार को काफी महंगी पड़ेगी. इससे ओछी हरकत हिंदुस्तान की राजनीति में कभी नहीं हुई.

केंद्र के दबाव में लोकसभा सचिवालय ने जारी किया नोटिफिकेशन

कांग्रेस प्रवक्ता श्री सिन्हा ने कहा कि सूरत की निचली अदालत ने इस मामले में दो साल की सजा के साथ अपील में जाने के लिए राहुल गांधी को 30 दिन की मोहलत दी. लेकिन, 48 घंटे के अंदर आनन-फानन में लोकसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता रद्द करने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया.

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5 बजे दिल्ली में कांग्रेस की बैठक

श्री सिन्हा ने कहा कि इससे साबित हो गया है कि देश के मध्यवर्गीय, निम्नवर्गीय लोगों की जो आवाज संसद में गूंजती थी, उससे तानाशाह सरकार डर गयी है. केंद्र के दबाव में लोकसभा सचिवालय ने इस तरह का निर्णय आनन-फानन में लिया है. उन्होंने बताया कि दिल्ली में 5 बजे कांग्रेस के सीनियर लीडर्स की बैठक है. उसमें आगे की रणनीति तय होगी.

निचली अदालत ने राहुल गांधी को दिया है 30 दिन का समय

राकेश सिन्हा ने बताया कि केंद्रीय नेताओं के निर्देश के बाद झारखंड प्रदेश कांग्रेस तय करेगी कि इस मामले में किस तरह से आगे बढ़ना है. बता दें कि मोदी सरनेम के खिलाफ टिप्पणी करने की वजह से सूरत की निचली अदालत ने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को दोषी पाया और उन्हें 2 साल की सजा सुना दी. साथ ही ऊपरी अदालत में जाने के लिए 30 दिन का समय भी दिया.

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रांची में कांग्रेस ने किया था जोरदार प्रदर्शन

इस बीच, गुरुवार को आये इस फैसले पर लोकसभा सचिवालय ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए केरल के वायनाड से लोकसभा सांसद राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की अधिसूचना जारी कर दी. कांग्रेस पार्टी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. इसके एक दिन पहले ही झारखंड कांग्रेस ने राहुल गांधी को सजा सुनाये जाने के खिलाफ राजधानी रांची में अल्बर्ट एक्का चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया था.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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