रांची से विपिन सिंह की रिपोर्ट
रांची: दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-युवाओं पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में राजधानी रांची में भी आक्रोश फूट पड़ा है. आंदोलनकारियों के समर्थन में सोमवार को विभिन्न वामपंथी छात्र और युवा संगठनों ने रांची के ऐतिहासिक अल्बर्ट एक्का चौक पर जोरदार प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया. 'स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया' (SFI) और 'डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया' (DYFI) के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में युवाओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. इस दौरान आक्रोशित छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका.
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर छात्रों की भारी नाराजगी
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से पिछले 20 दिनों से दिल्ली में अनशन पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और दिल्ली पुलिस द्वारा आंदोलनकारी छात्रों पर की जा रही दमनकारी कार्रवाई को लेकर बेहद आक्रोशित थे. युवाओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद कर रहे युवाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज को पुलिस के दम पर दबाना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
पुतला दहन और प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भी केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया. प्रदर्शन में शामिल छात्र नेताओं ने कहा कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले NEET पेपर लीक कांड के लिए सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं. उन्होंने शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की और स्पष्ट किया कि दिल्ली में हक की लड़ाई लड़ रहे छात्रों के साथ पूरा देश मजबूती से खड़ा है.
प्रदर्शन में कई प्रमुख छात्र नेता और युवा रहे मौजूद
अल्बर्ट एक्का चौक पर हुए इस विशाल प्रदर्शन में डीवाईएफआई (DYFI) के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय पासवान, राज्य संयोजक मोहन मंडल, कपिल महतो के साथ-साथ एसएफआई (SFI) के राज्य संयोजक दानिश, सोनाली कुमारी और श्रीचरण कुनाई प्रमुख रूप से शामिल थे. इसके अलावा अमन, बुधराम, अमित मुंडा, पूर्व छात्र नेता रंजीत मोदक, फैजान, सांची, खुशबु, सुमायरा, औरंगजेब, अंजु, सीता मरांडी, भवानी किस्कु, प्रेम रवानी और इरफान अंसारी समेत भारी संख्या में छात्र और युवा आंदोलन को धार देने पहुंचे थे.
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