रांची के मारवाड़ी कॉलेज में करम पर्व की धूम, करम गीत और मांदर की थाप पर झूमे शिक्षक-विद्यार्थी

रांची के मारवाड़ी कॉलेज में करम पर्व की पूर्व संध्या पर विशेष समारोह आयोजित किया गया. करम गीत और मांदर की धुन पर शिक्षक और विद्यार्थी एक साथ थिरके. इस आयोजन में जनजातीय संस्कृति की झलक देखने को मिली.

रांची. मारवाड़ी कॉलेज के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग की ओर से सोमवार को करम पर्व की पूर्व संध्या पर समारोह आयोजित किया गया. कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ मनोज कुमार समेत शिक्षक और विद्यार्थी करम गीत व मांदर की थाप पर झूमते नजर आये. समारोह के दौरान कॉलेज परिसर में जनजातीय संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली.

करम कथा के साथ प्रकृति प्रेम का संदेश

कार्यक्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष सह डीएसडब्ल्यू डॉ वृंदावन महतो ने करम कथा सुनायी. विभागाध्यक्ष डॉ खातिर हेमरोम ने आगंतुकों का स्वागत किया. मुंडारी, नागपुरी और कुड़ुख भाषा विभाग के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रकृति के प्रति प्रेम और जनजातीय परंपराओं को प्रदर्शित किया.

डॉ विष्णु पद महतो ने कुरमाली करम गीत प्रस्तुत किया, जबकि डॉ सुमंति तिर्की ने कुड़ुख करम गीत गाया. प्रस्तुतियों के दौरान विद्यार्थियों ने पारंपरिक गीत-संगीत के माध्यम से करम पर्व की सांस्कृतिक विशेषताओं को सामने रखा.

शिक्षक और विद्यार्थी हुए शामिल

कार्यक्रम का संचालन डॉ अशोक कुमार महतो ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ अवध बिहारी महतो ने किया. इस अवसर पर डॉ महेश्वर सारंगी, डॉ बहालेन होरो, संगीता तिग्गा, जुरा होरो, डॉ अमीत कुमार, डॉ राहुल कुमार, जयप्रकाश रजक, संतोष रजवार, शिवनंदन समेत अन्य शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे.

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लेखक के बारे में

By संजीव कुमार

संजीव कुमार सिंह, वर्तमान में प्रभात खबर, रांची में विशेष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं. वह 14 वर्षों (2005 से 2019) तक प्रभात खबर रांची में मुख्य संवाददाता रहे हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 29 वर्षों का अनुभव है. लंबे पत्रकारिता जीवन में खोजी, विश्लेषणात्मक और जनसरोकार से जुड़े विषयों पर अनेक महत्वपूर्ण रिपोर्टें प्रकाशित की हैं. प्रभात खबर द्वारा बेस्ट रिपोर्टर का अवार्ड भी दिया गया. इनकी विशेष पहचान झारखंड के उच्च शिक्षा तंत्र, विश्वविद्यालयों, प्रतियोगी परीक्षाओं, सरकारी नियुक्तियों व प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर गहन और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के लिए रही है. झारखंड लोक सेवा आयोग के गठन के बाद सिविल सेवा, व्याख्याता, इंजीनियर, जैसी नियुक्तियों में गड़बड़ी को उजागर किया.

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