ranchi news : झारखंड के 12 जिलों की सखी मंडलों ने तैयार की 25 क्विंटल हर्बल अबीर
राज्य के 12 जिलों की सखी मंडलों की सदस्यों ने झारखंड राज्य आजीविका मिशन (जेएसएलपीएस) के साथ मिलकर हर्बल अबीर तैयार किया है.
रांची. राज्य के 12 जिलों की सखी मंडलों की सदस्यों ने झारखंड राज्य आजीविका मिशन (जेएसएलपीएस) के साथ मिलकर हर्बल अबीर तैयार किया है. इसकी बिक्री मिशन द्वारा संचालित पलाश केंद्रों पर शुरू हो गयी है. पलाश हर्बल गुलाल प्रदर्शनी सह बिक्री स्टॉल रांची, हजारीबाग, पलामू, चतरा, रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा जिला में शुरू हो गया है. पिछले तीन साल से ग्रामीण सखी मंडल की सदस्य हर्बल अबीर तैयार कर रही हैं. इन्हें आजीविका मिशन से प्रशिक्षित किया गया है. इस वर्ष 12 जिलों की 166 ग्रामीण सखी मंडल की महिलाओं ने 25 क्विंटल पलाश हर्बल गुलाल का उत्पादन किया है. इसे रांची, हजारीबाग, गिरिडीह, लोहरदगा, लातेहार, पलामू, सरायकेला-खरसावां, पश्चिम सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा, बोकारो और धनबाद जिलों की सखी मंडल सदस्यों ने तैयार किया है. सिर्फ राजधानी में ही 10 स्थानों पर इसकी बिक्री होगी.
पांच रंगों में है गुलाल
यह गुलाल पांच रंगों में है. इसमें फल, फूल और सब्जियों के प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया गया है. बीट रूट से लाल रंग, पलाश से पलाश के रंग, पालक से हरा, हल्दी से पीला तथा सिंदवार से नीले रंग का अबीर तैयार किया गया है.होली स्पेशल चॉकलेट और लड्डू भी बिकेंगे
जहां गुलाल की बिक्री होगी, वहीं काउंटर पर होली स्पेशल चॉकलेट और लड्डू की भी बिक्री होगी. यहां सखी मंडल द्वारा तैयार हैंडमेड चॉकलेट, पलाश रागी लड्डू, पलाश रागी कुकीज, पलाश नमकीन की भी बिक्री होगी.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
