पीएम आवास योजना : झारखंड के एक लाख से अधिक ग्रामीणों को नहीं मिला घर, जून तक पूरा करने का लक्ष्य

झारखंड में एक लाख से अधिक पीएम आवास योजना (ग्रामीण) पेंडिंग है. जून महीने तक इन आवासों को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वहीं, हर गुरुवार को पंचायत/ग्राम में कैंप लगाया जाएगा. इस कैंप में लाभुकों की समस्याओं का जल्द निष्पादन होगा.

Jharkhand News: झारखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 1,09,542 आवास लंबित है. इन लंबित आवासों को जून, 2023 तक पूरा कराने का लक्ष्य सरकार ने निर्धारित की है. इसके लिए पंचायत/ग्राम स्तर पर अभियान चलाने पर जोर दिया गया है. इस अभियान को प्रधानमंत्री आवास लाभुक दिवस के रूप में पूरे राज्य में एक साथ आयोजित किया जाएगा. ग्रामीण विकास विभाग के सचिव चंद्रशेखर मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को कई दिशा-निर्देश दिये.

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की समीक्षा बैठक

समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव चंद्रशेखर ने सभी जिले के उप विकास आयुक्त को इस अभियान की समीक्षा प्रति सप्ताह करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक संख्या में लंबित आवासों को पूरा कराया जाये.

ग्राम/पंचायत में हर गुरुवार को कैंप लगाया जाएगा

बैठक में मनरेगा आयुक्त राजेश्वरी बी ने जानकारी दी कि आवास लाभुक दिवस अभियान के तहत पंचायत/ग्राम में हर गुरुवार को कैंप का लगाया जाएगा. कैंप में लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की जानकारी दी जाएगी और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा. वहीं, लंबित आवासों के लाभुकों को कैंप में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा.

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लाभुकों की समस्याओं का जल्द होगा समाधान

उन्होंने कहा कि कैंप में लाभुकों की समस्याओं का त्वरित निष्पादन किया जाएगा एवं लाभुकवार समस्याओं को पंजीकृत भी किया जाएगा. वीडियो कांफ्रेंसिंग में सभी जिलों के डिस्ट्रिक्ट कॉर्डिनेटर एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के कर्मी उपस्थित थे.

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