रांची. रेलवे न्यायालय, रांची में बुधवार को डालसा के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत के तहत प्ली बारगेनिंग के द्वारा लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप लगाया गया. इसका आयोजन रेलवे न्यायालय परिसर में किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में न्यायायुक्त दिवाकर पांडेय उपस्थित थे. इस दौरान मुख्य अतिथि ने कहा कि प्ली-बारगेनिंग विशेष कैंप, केस को तेजी से सुलझाने का माध्यम हैं, इसीलिए समय-समय पर प्ली-बारगेनिंग विशेष कैंप का आयोजन किया जाता है. प्ली-बारगेनिंग विशेष कैंप के आयोजन का मुख्य उद्देश्य रेलवे न्यायालय में लंबित मामलों को निष्पादन करना है.
त्वरित निष्पादन के लाभ के बारे में बताया
अपर न्यायायुक्त प्रभात शर्मा ने त्वरित निष्पादन के लाभ के संबंध में विस्तार से बताया. इस दौरान आरपीएफ के एक केस के आरोपी आशेश्वर कुमार मेहता ने अपना दोष स्वीकार किया. दोष स्वीकार करने के बाद रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी बिजय कुमार यादव ने उसे दंडित करते हुए 15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति भुगतान तथा प्रोवेशन का लाभ प्रदान किया. प्ली-बारगेनिंग विशेष कैंप के न्यायालय में लंबित 284 केस में से 95 केस का निष्पादन किया गया. जिससे रेलवे न्यायालय में लंबित कांडों की संख्या घट कर 189 रह गयी है. मौके पर रेलवे विभाग को क्षति सह मुआवजा के रूप में 7.80 लाख रुपये प्राप्त हुए. इस अवसर पर रेलवे के न्यायिक दंडाधिकारी बिजय कुमार यादव, सहायक वाणिज्य प्रबंधक अनिल जेराय, आरपीएफ के पदाधिकारी व अधिवक्तगण मौजूद थे.
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