झारखंड फार्मेसी काउंसिल पर 800 करोड़ के सिंडिकेट का आरोप, बाबूलाल ने CBI जांच की मांग की

बाबूलाल मरांडी ने झारखंड फार्मेसी काउंसिल में 800 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है. उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग की है.

रांची. नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआइ या उच्च न्यायालय के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है.

उन्होंने पत्र में बताया कि पिछले एक दशक में राज्य में फार्मेसी कॉलेजों की संख्या तीन से बढ़कर करीब 150 हो गयी है. आरोप है कि बिना आवश्यक मानकों और संसाधनों के प्रति कॉलेज लगभग 30 लाख रुपये की अवैध वसूली कर एनओसी बांटी गयी. इस पूरे खेल में करीब 800 करोड़ रुपये का सिंडिकेट काम कर रहा है. कई कॉलेजों की बाद में मान्यता रद्द होने से इन अनियमितताओं की पुष्टि होती है.

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि इतने सालों तक चले इस कथित सिंडिकेट से सरकार, विभाग, मंत्री और काउंसिल के अधिकारी कैसे बेखबर रहे? उन्होंने कहा कि यह मामला न केवल वित्तीय भ्रष्टाचार का है, बल्कि इससे हजारों छात्रों का भविष्य और राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की गुणवत्ता सीधे दांव पर लगी है. उन्होंने मांग की है कि पिछले 10 वर्षों में जारी सभी एनओसी, मान्यताओं, सीट आवंटन और डिग्रियों का व्यापक ऑडिट कराया जाये. साथ ही इसमें शामिल अधिकारियों, मंत्रियों और बिचौलियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए निर्दोष विद्यार्थियों के हितों की रक्षा की जाये.


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By सतीश सिंह

मेरा मीडिया जगत में 25 वर्षों का अनुभव है. 'प्रभात खबर' के प्रमुख संवाददाता के रूप में 22 वर्षों की अपनी यात्रा के दौरान, निष्पक्षता, गहराई और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता के साथ पत्रकारिता की है. रांची में रहकर पिछले 15 वर्षों तक हाईकोर्ट रिपोर्टिंग की है. वर्तमान में मैं राजनीतिक और विभागीय रिपोर्टिंग के माध्यम से समाज को जागरूक और शिक्षित करने का कार्य निरंतर कर रहा हूं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >