राणा प्रताप सिंह
Ranchi: झारखंड हाइकोर्ट ने पलामू के पांकी थाना में पुलिस हिरासत में कथित प्रताड़ना व मौत के मामले में दायर अवमानना याचिका पर फैसला सुनाया. हाइकोर्ट की खंडपीठ ने पलामू के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को निर्देश दिया है कि वह मजिस्ट्रेट नियुक्त कर 15 दिनों के अंदर मामले की न्यायिक जांच (ज्यूडिशियल इंक्वायरी) गठित करें तथा तीन माह के भीतर मामले की न्यायिक जांच रिपोर्ट हाइकोर्ट को सौंपी जाये. कोर्ट ने कहा कि यह मामला ज्यूडिशियल इंक्वायरी के लिए उपयुक्त है. पूर्व में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था.
मामले की सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता शादाब इकबाल व अधिवक्ता आयुष राज ने पैरवी की थी. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी शाईदा खातून व अन्य की ओर से अवमानना याचिका दायर की गयी थी.
पुलिस हिरासत में मारपीट से हुई थी युवक की मौत
एक मार्च 2025 को युवक महफूज अहमद को नवाबाजार में पुलिस पकड़ कर ले गयी थी. आरोप है कि हिरासत में लेकर उसकी बेरहमी से पिटाई की गयी. बाद में उसके खिलाफ पांकी थाना में कांड संख्या-25/2025 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सीजेएम कोर्ट पलामू में पेश किया गया था. फिर रिमांड पर लिया गया. उस दौरान सीजेएम कोर्ट में पुलिस ने अस्पताल का एक सर्टिफिकेट भी प्रस्तुत किया था, जिसमें युवक के घायल होने के बावजूद उसे फिट फॉर कस्टडी बताया गया था.
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