रांची. विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर गोस्सनर कॉलेज के बॉटनी विभाग की ओर से बुधवार को सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में मुख्य वक्ता आइएफएस व पूर्व पीसीसीएफ, झारखंड डॉ डीके सक्सेना मौजूद थे.
ओजोन परत पर्यावरणीय संतुलन के लिए जरूरी
डॉ डीके सक्सेना ने कहा कि ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी (यूवी) किरणों को रोककर पृथ्वी पर जनजीवन की रक्षा करती है. उन्होंने कहा कि ओजोन परत का संरक्षण पूरे पर्यावरण के लिए आवश्यक है. यह पौधों और कृषि फसलों की रक्षा के साथ पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाये रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
ई-कचरा और गीले कचरे के प्रबंधन पर चर्चा
कार्यक्रम में इआइएसीपी, झारखंड की सीनियर प्रोग्राम ऑफिसर सुमन समीर ने ई-कचरे के उचित निपटारे पर जोर दिया. उन्होंने ई-कचरे के सही तरीके से प्रबंधन की आवश्यकता बतायी. वहीं, गोस्सनर कॉलेज की प्राचार्य इलानी पूर्ती ने घरों से निकलने वाले गीले कचरे के प्रबंधन की जानकारी दी.
सेमिनार में बर्सर प्रोफेसर प्रवीन सुरीन, डीन आर्ट्स प्रोफेसर बलवीर केरकेट्टा, टीआर प्रोफेसर विनय कुमार हांसदा, प्रोफेसर शशि सुमन तिर्की, स्टाफ सेक्रेटरी प्रोफेसर हेमंत टोप्पो समेत विज्ञान संकाय के शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद थे.
