ranchi news : सिरमटोली रैंप के विरोध में आंदोलन की रणनीति पर पांच मई को होगी चर्चा

पांच मई को नगड़ाटोली सरना स्थल पर इस मामले को लेकर बैठक होगी, जिसमें रैंप के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा की जायेगी.

By Prabhat Khabar News Desk | May 4, 2025 1:32 AM

रांची. हम लोगों ने समझा था कि यह अबुआ सरकार है जो आदिवासियों की भावना को समझेगी. इसलिए सरकार को ताकत दी. पता नहीं था कि कुर्सी पर बैठने के बाद यह सरकार भी आदिवासियों को खत्म करने का काम करेगी. उक्त बातें पाहन संघ के सदस्य सुरेंद्र पाहन ने कही. वह पाहन संघ की ओर से मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समक्ष आयोजित प्रेस वार्ता में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि सिरमटोली सरना स्थल के समक्ष रैंप उतारने का विरोध महीनों से चल रहा है, पर सरकार आदिवासियों की भावनाओं को कुचलने का काम किया है. पांच मई को नगड़ाटोली सरना स्थल पर इस मामले को लेकर बैठक होगी, जिसमें रैंप के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा की जायेगी.

रैंप के विरोध में चार महीने से चल रहा है विरोध

संघ के सदस्य राम पाहन ने कहा कि रैंप के विरोध में चार महीने से विरोध चल रहा है. सरना स्थल को हमारे पूर्वजों ने स्थापित किया है. रैंप की वजह से रास्ता संकीर्ण हुआ है और इस बार की सरहुल शोभायात्रा को सिरमटोली सरना स्थल में गाजे-बाजे के साथ प्रवेश करने में परेशानी हुई है. यदि हम केंद्रीय सरना स्थल को नहीं बचा पायेंगे तो कल गांवों के दूसरे सरना स्थलों की बारी आयेगी. शंकर पाहन ने कहा कि सड़क के रास्ते में कोई मंदिर, मस्जिद या गिरजाघर होता तो उसे छोड़ दिया जाता. मौके पर मनीष हंस, रामनाथ पाहन, लक्ष्मण पाहन, देवा उरांव पाहन, जुरा पाहन, सोनू पाहन, पीटर पाहन उपस्थित थे.

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