रांची के बांधगाड़ी दीपाटोली में जानलेवा बन गए खुले नाले, बारिश में मिट गया गड्ढे और सड़क का फर्क

रांची में बारिश के पानी ने नगर निगम की लापरवाही को उजागर कर दिया है. बांधगाड़ी दीपाटोली में तीन महीने से चल रहा नाला निर्माण स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बन गया है. बारिश के बाद खुले गड्ढे और नाले सड़क पर अलग नहीं दिख रहे, जिससे लोग फिसलकर गिर रहे हैं.


Ranchi News: झारखंड की राजधानी रांची में मानसून के दौरान बारिश के पानी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है. रांची के बांधगाड़ी दीपाटोली रोड नंबर-5 में पिछले करीब तीन माह से चल रहा नाला निर्माण कार्य स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का सबब अब भी बना हुआ है. सोमवार को हुई बारिश ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी. नाला निर्माण के लिए सड़क किनारे खोदे गये खुले गड्ढों और नालों में पानी भर जाने से सड़क और गड्ढे का अंतर ही नजर नहीं आ रहा. इस कारण महिलाएं, बच्चे और राहगीर कई जगहों पर फिसल रहें. खतरा बना हुआ है.

निर्माण कार्य से कीचड़ से बनी फिसलन की स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से चल रहे निर्माण कार्य के कारण पहले से ही पूरे इलाके में कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी हुई है. दोपहिया वाहनों का आवागमन भी मुश्किल हो गया है. आज हुए तेज बारिश के बाद स्थिति और भयावह हो गयी. नाला बनने के बाद भी सड़क पर पानी भर गया. पानी में डूबे खुले नालों का पता नहीं चल पा रहा था.लोग किसी तरह पानी के बीच से रास्ता तलाशकर आने-जाने को मजबूर रहे.

तीन महीने से अधूरा पड़ा है काम

स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन महीने से नाला निर्माण के लिए सड़क और आसपास के हिस्से को जगह-जगह काटकर छोड़ दिया गया है. निर्माण स्थल पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. बारिश के दौरान स्थिति और खतरनाक हो जाती है. सोमवार को भारी बारिश के कारण निर्माण कार्य भी नहीं हो सका, जिससे काम में और विलंब होने की आशंका है.

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लोगों की मांग- जल्द पूरा हो काम या बने वैकल्पिक रास्ता

स्थानीय लोगों ने नगर निगम से मांग की है कि नाला निर्माण कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए. जब तक काम पूरा नहीं होता, तब तक खुले नालों और गड्ढों को सुरक्षित किया जाए और लोगों के आने-जाने के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जाए. लोगों का कहना है कि पिछले तीन महीने से वे नारकीय स्थिति में रहने को मजबूर हैं. बारिश के दिनों में यहां स्थिति और गंभीर हो जाती है. जो अब और भी ज्यादा हो गयी है.

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By Lata Rani

प्रभात खबर की सीनियर रिपोर्टर लता रानी गोमिया में पली-बढ़ी और मूल रूप से हजारीबाग की रहने वाली हैं. वर्ष 2004 में लक्ष्मी बाई कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से कला में स्नातक उत्तीर्ण हुईं. वर्ष 2006 में पीकेआइएमएस, रांची से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर किया. वर्ष 2006 से अब तक प्रभात खबर में बतौर वरीय संवाददाता कार्यरत हैं. इसके पूर्व वह प्रभात खबर के ब्रांड डिपार्टमेंट और रेडियो धूम में भी काम कर चुकी हैं. वर्ष 2024 में सर्वश्रेष्ठ प्रभावशाली समाचार के लिए प्रभात खबर की ओर से सम्मानित किया गया. 2023 में सर्वश्रेष्ठ रिपोर्ट के लिए भी सम्मानित हो चुकी हैं. सामाजिक दायित्वों, महिलाओं से संबंधित मुद्दों पर आधारित समाचार व रिपोर्ट के लिए विभिन्न संगठनों ने सम्मानित किया है.

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