ऑनलाइन क्लास से धुंधली होती नौनिहालों की नजर, झारखंड अंधापन नियंत्रण समिति की रिपोर्ट से हुई पुष्टि

कोरोना काल में बच्चों के ऑनलाइन पढ़ाई का असर दिखने लगा है, मोबाइल व लैपटॉप पर अधिक वक्त गुजारने के कारण कई बच्चों की आंखें धुंधली होती जा रही है. इसकी पुष्टि झारखंड अंधापन नियंत्रण समिति द्वारा सरकारी स्कूलों में कराये जा रहे नेत्र जांच शिविर से हुई.

रांची : कोरोना काल का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है. स्कूलों के बंद होने के कारण ऑनलाइन शिक्षण कार्य मोबाइल या लैपटॉप के जरिये कराया जा रहा है. कक्षा छह तक के बच्चों की पढ़ाई अब भी ऑनलाइन ही करायी जा रही है. मोबाइल व लैपटॉप पर ज्यादा वक्त गुजारने की वजह से बच्चों में दृष्टि दोष की समस्या बढ़ रही है. राज्य अंधापन नियंत्रण समिति द्वारा सरकारी स्कूलों में कराये जा रहे नेत्र जांच शिविर में इसकी पुष्टि हो रही है.

बुंडू अनुमंडल में लगाये गये शिविर में 97 और लापुंग प्रखंड में लगाये गये शिविर में 61 बच्चों में चश्मे की आवश्यकता देखी गयी है. समिति की ओर से इन बच्चों को नि:शुल्क चश्मा उपलब्ध कराया जायेगा.

लापुंग प्रखंड संसाधन केंद्र और कस्तूरबा गांधी विद्यालय में बनाये गये कलस्टर में बच्चों की आंखों की जांच की गयी. इस दौरान कई बच्चों में ‘विटामिन ए’ की कमी पायी गयी. इन बच्चों को कम दिखाई देता है. इसके अलावा इन बच्चों ने सिर और आंखों में दर्द, आंखों में पानी आना और आंख लाल होने जैसी समस्याएं बतायीं.

इस संबंध में अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आरएन शर्मा ने बताया कि यह अभियान 21 दिसंबर तक सभी प्रखंड और स्कूलों में चलाया जायेगा. बच्चों के आंख की जांच की जिम्मेदारी नेत्र पदाधिकारी और सहायक को दी गयी है. जांच टीम में उमाशंकर कुमार, बी उरांव, दीपक कुमार, सुरेंद्र चौधरी, जयचंद निराला, विकास पासवान, राजेश कुमार, संदीप कुमार, अभिमन्यु लोकेश, सदानंद महतो और सरकारी स्कूलों के शिक्षक शामिल थे.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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