Ranchi News : राजधानी में सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए बदले जा रहे हैं पुराने तार

- उपभोक्ताओं को खराब मौसम में भी मिलती रहेगी बिजली

रांची. राजधानी के शहरी क्षेत्र में सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए कवर्ड वायर लगाने का काम शुरू हो चुका है. पहले चरण में सड़कों के किनारे घनी आबादी वाले क्षेत्रों को चिह्नित कर इसे बदला जा रहा है. मोहल्लों में एलटी केबल (खुली नंगी तारों) को हटाकर इंसुलेटेड कवर्ड वायर लगाये जा रहे हैं. एचइसी सेक्टर टू सहित कई जगहों पर पुरानी ताराें को पोल से हटाकर उनकी जगह नयी केबलें डाली जा रही हैं. आपको बता दें कि इसके तहत 4,930 किमी एरियल बंच (एबी) कंडक्टर यानी कवर्ड वायर लगाये जायेंगे. केबल बदलने के बाद राजधानी में बिजली चोरी व अन्य तरीके से जेबीवीएनएल को होने वाले पावर लॉस से छुटकारा मिल जायेगा. राजधानी में वर्ष 2025 में बिजली नेटवर्क के विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण योजना के तहत इस काम को सभी डिविजनों में पूरा किया जा रहा है. इससे बिजली चोरी और दुर्घटना की आशंका कम होगी. साथ ही बिजली आपूर्ति में सुधार होगा. बिजली से जुड़ी समस्याएं कम होंगी.

लाइन लॉस व लोकल फॉल्ट से मिलेगी निजात

झारखंड शहरी संपूर्ण विद्युत आच्छादन (जसबे वन और टू) और मौजूदा योजना के तहत राजधानी में एलटी केबल को कवर्ड तार में बदलने से इसका फायदा बिजली निगम और उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर होगा. अभी करीब 20 फीसदी बिजली लाइन लॉस में चली जाती है. इस काम के पूरा होने से आंधी-पानी और तूफान के दौरान भी उपभोक्ताअों को निर्बाध बिजली मिलती रहेगी. यानि, तब एलटी लाइन से लोकल फॉल्ट दर्ज होते ही री-स्टोर करने में ज्यादा समय तक बिजली नहीं कटी रहेगी.

पूरी योजना पर 364.28 करोड़ रुपये खर्च

राजधानी में तकरीबन 350 किलोमीटर 33 केवी, जबकि शेष करीब 1000 किलोमीटर 11 हजार वोल्ट की तारें हैं. केबलिंग का काम अगस्त 2019 से शुरू किया गया है. इससे पूर्व आरएपीडीआरपी, जसबे-वन के तहत चुनिंदा इलाकों में मेसर्स पॉलिकैब ने 120 किलोमीटर तारों को अंडरग्राउंड किया था. झारखंड शहरी संपूर्ण विद्युत आच्छादन योजना (जसबे-टू) योजना के तहत मेसर्स केइआई, पूरे शहर में 260 किलोमीटर हाइटेंशन तारों (इनकमिंग 33 केवी और 11 केवी आउटगोइंग केबल) को अंडरग्राउंड कर चुकी है. केबल बिछाने की पूरी योजना पर 364.28 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

नयी व्यवस्था से मिलने वाले प्रमुख लाभ

बिजली चोरी पर प्रभावी नियंत्रणजान-माल के नुकसान का खतरा न्यूनतम

खराब मौसम में भी बिजली की निर्बाध आपूर्ति

बिजली निगम को लाइन लॉस में उल्लेखनीय कमी

बार-बार ट्रिपिंग व ब्रेकडाउन की समस्या से मुक्ति

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