रांची. झारखंड जगुआर के पदाधिकारियों और जवानों को नक्सली अभियान के दौरान आइइडी से बचाव, डिटेक्शन और इसे निष्क्रिय करने की जानकारी देने के लिए कार्यशाला का आयोजन हुआ. कार्यशाला में झारखंड जगुआर मुख्यालय में नेशनल बम डेटा सेंटर के निदेशक और एनएसजी के मो जमाल खान ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी दी. कार्यशाला के समापन पर पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों द्वारा किये जा रहे आइइडी हमलों में सुरक्षाबलों के साथ-साथ ग्रामीणों को भी काफी नुकसान उठाना पड़ा है. कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सुरक्षाबलों द्वारा की जा रही कार्रवाई को और बेहतर बनाने के साथ-साथ विभिन्न प्रकार के आइइडी हमलों के संबंध में डाटा तैयार करना करना है, ताकि आने वाले समय में उन खतरों का पहले से आकलन कर सुरक्षाबलों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की जा सके. मो जमाल खान ने बताया कि देशभर के विभिन्न राज्यों में हो रहे विभिन्न प्रकार के आइइडी हमलों से संबंधित जानकारी जैसे आइइडी के प्रकार, तकनीक इत्यादि को एक पटल पर लाने की आवश्यकता है, ताकि पूरे देशभर में सुरक्षाबल और शोध वैज्ञानिक इस संबंध में अद्यतन स्थिति से अवगत होकर इसके दुष्प्रभाव को कम/निष्क्रिय कर सकें. कार्यशाला में एसटीएफ डीआइजी इंद्रजीत महथा, रिटायर्ड कर्नल और जैप- 2 के कमांडेट जेके सिंह, उप समादेष्टा मिथिलेश कुमार के अलावा झारखंड जगुआर के पदाधिकारी और कर्मियों ने भाग लिया.
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