मुरी-गोला सड़क पर कदम-कदम पर खतरा, गड्ढों में भरा पानी और नहीं लगे चेतावनी बोर्ड

मुरी-गोला सड़क पर भारी जलजमाव और गड्ढों के कारण राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है. दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा, स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की मरम्मत की मांग.

सिल्ली: मुरी से गोला तक जाने वाली सड़क लगातार बारिश के बाद बदहाल हो गयी है. पिछले तीन-चार दिनों से हो रही बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है. पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और आए दिन बाइक सवार व राहगीर गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. बड़े और छोटे वाहनों के आवागमन में भी परेशानी हो रही है. शेख भिखारी चौक से सिंगपुर चौक तक तथा उड़ंगढ़ा नदी पुल के समीप स्थिति सबसे अधिक खराब है.

एजेंसी की लापरवाही से बढ़ी परेशानी

मुरी से गोला तक सड़क का फोरलेनिंग कार्य चल रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी सुविधानुसार सड़क निर्माण करा रही है, लेकिन आवागमन की सुविधा का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा है. नियमानुसार निर्माण कार्य के दौरान कम से कम एक ओर सड़क को मोटरेबल रखना चाहिए, ताकि यातायात बाधित न हो. इसके बावजूद गड्ढों के आसपास चेतावनी या कॉशन साइन नहीं लगाए गए हैं. इससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है.

स्कूली बच्चों और मरीजों को सबसे अधिक परेशानी

इस सड़क से सिंगपुर नर्सिंग होम, मातृछाया अस्पताल, डीएवी स्कूल, आरटीसी स्कूल, संत माइकल स्कूल और नेचर हार्ट स्कूल समेत कई संस्थानों में आने-जाने वाले लोग गुजरते हैं. विद्यार्थी, अभिभावक और मरीज ऑटो, बाइक या पैदल इस रास्ते से आने-जाने को मजबूर हैं. लोगों ने निर्माण एजेंसी से सड़क के गड्ढों को तत्काल दुरुस्त कराने, जलजमाव की समस्या दूर करने और आवश्यक स्थानों पर चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है.

मुरी गोला मुख्य सड़क | Prabhat Khabar Network

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By Vishnu Giri

मैं मई 1998 से प्रभात खबर में पत्रकारिता कर रहा हूं. सबसे पहले मैने सिटी ऑफिस में फोटो पत्रकारिता से शुरुआत की. तीन सालों तक करने के बाद मैं सिल्ली से खबरें लिखने लगा. इस दौरान ग्रामीण क्षेत्र की हर प्रकार की खबरें लिखी. नियमित रूटीन खबरों के अलावे क्षेत्र की समस्याओं की खबरें, ग्रामीण प्रतिभा पर स्टोरी सहित जनसरोकार की पत्रकारिता से पहचान बनाई. इलाके में सामाजिक कुरीतियों, जाति पाति के भेदभावों वाले समाजिक बुराइयों पर भी स्टोरी किए. अभी करीब दो साल पहले प्रभात खबर ने में छपी एक छुआछूत एवं जाति पाति के भेदभाव की खबर को झारखंड, विहार एवं बंगाल में सर्वश्रेष्ठ स्टोरी का भी सम्मान मिला है. नियमित पत्रकारिता के साथ समय निकालकर शॉर्ट फिल्में और डॉक्यूमेंट्री भी बनाया करता हूं. मेरी बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म " माटी के सपूत" को 61 वें राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में दिखाई गई थी. अपने केटेगरी की सूची में फिल्म 89 वें नंबर पर रही थी. मैने इग्नू से पत्रकारिता, रेडियो प्रसारण डिप्लोमा एवं मारवाड़ी कालेज से फिल्म निर्माण में का भी डिप्लोमा का कोर्स किया है.

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