मोमेंटम झारखंड की सलाहकार कंपनी की सेवा खत्म, सीएम हेमंत सोरेन ने अवधि विस्तार देने से किया इनकार

सीएम हेमंत सोरेन ने मोमेंटम झारखंड की सलाहकार कंपनी को अवधि विस्तार देने से इनकार कर दिया. इसके साथ ही कंपनी की सेवा 31 मई, 2023 को खत्म हो गयी. 2021 में इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सलाहकार नियुक्त किया था. वर्ष 2015 से कार्यरत इस कंपनी को हर महीने 40 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था.

रांची, सुनील चौधरी : उद्योग विभाग के नॉलेज पार्टनर और मोमेंटम झारखंड का आयोजन करनेवाली सलाहकार कंपनी अर्नेस्ट एंड यंग की सेवा अब समाप्त कर दी गयी है. 31 मई को इसके कार्यकाल का अंतिम दिन था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कंपनी को अवधि विस्तार देने से इनकार कर दिया. उद्योग विभाग के सिंगल विंडो कक्ष में अर्नेस्ट एंड यंग के कर्मियों ने बुधवार को अंतिम दिन काम किया.

रघुवर सरकार ने नॉलेज पार्टनर बनाया था

वर्ष 2015 में झारखंड में निवेशकों को लाने और नीतियों को निवेश के अनुकूल बनाने के लिए तत्कालीन रघुवर सरकार ने अर्नेस्ट एंड यंग को सरकार का नॉलेज पार्टनर बनाया था. इस दौरान कंपनी ने उद्योग नीति से लेकर टेक्सटाइल पॉलिसी, फूट वियर पॉलिसी, परचेज पॉलिसी बनाने में सहयोग किया. वहीं, निवेशकों को झारखंड में लाने के लिए देश व विदेशों में रोड शो का आयोजन भी किया.

2017 में मोमेंटम झारखंड का हुआ था आयोजन

वर्ष 2017 में कंपनी के सहयोग से ही मोमेंटम झारखंड का आयोजन किया गया था. कंपनी को इसके एवज में प्रतिमाह 40 लाख रुपये का भुगतान किया जाता था. कंपनी के 15 लोग सिंगल विंडो सिस्टम के कार्यालय में काम करते थे. मार्च 2020 में हेमंत सोरेन की सरकार ने अर्नेस्ट एंड यंग को मोमेंटम झारखंड विवाद की वजह से हटा दिया था. सीएम ने विभाग से पूछा था कि कंपनी को सलाहकार के रूप में रखने से क्या लाभ हुआ. इसकी जानकारी दी जाये.

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वर्ष 2021 में फिर सलाहकार नियुक्त किया गया

लगभग एक वर्ष तक उद्योग विभाग से दूर रहने के बाद फिर टेंडर के माध्यम से फरवरी 2021 में कंपनी को उद्योग विभाग द्वारा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया. कंपनी को एक साल (15 फरवरी, 2021 से 14 फरवरी, 2022) के लिए सलाहकार नियुक्त किया गया था. बदले में सरकार अर्नेस्ट एंड यंग को हर महीने 40 लाख रुपये का भुगतान करेगी यह शर्त थी. कंपनी का मुख्य काम सुधार के लिए कानूनों में बदलाव के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित करना था. इस दौरान श्रम कानूनों से लेकर वन कानूनों, फैक्ट्री लाइसेंस की प्रक्रिया में कई बदलाव किये गये. काम चल ही रहा था कि फिर कंपनी को फरवरी 2023 तक अवधि विस्तार दिया गया. इसके बाद मई 2023 तक अवधि विस्तार देते हुए कंपनी की सेवा समाप्त करने का सीएमओ से आदेश दिया गया.

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Published by: Prabhat khabar news desk

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