रांची से राजेश झा की रिपोर्ट
रांची : रांची रेलवे स्टेशन पर मुस्तैद आरपीएफ (RPF) के जवानों ने एक नाबालिग लड़की को मानव तस्करी या किसी बड़ी अप्रिय घटना का शिकार होने से पहले सुरक्षित बचा लिया है. ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' के तहत चलाए जा रहे नियमित गश्ती के दौरान आरपीएफ की टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 पर एक 15 वर्षीय किशोरी को अकेले और काफी घबराई हुई हालत में घूमते देखा.
काम की तलाश में बिना बताए निकली थी घर से
संदेह होने पर महिला आरपीएफ अधिकारियों ने किशोरी को अपने संरक्षण में लिया और पूछताछ की. किशोरी ने अपनी पहचान अंजली कुमारी (15 वर्ष), पिता स्व. ज्ञानचंद तुरी, निवासी ग्राम खुशरो (थाना बेरमो, जिला बोकारो) के रूप में दी. उसने बताया कि वह अपनी मां को बिना कुछ बताए चुपचाप घर से निकल आई थी. वह काम (रोजगार) की तलाश में हैदराबाद के 'चारलापल्ली' जाने के लिए रांची रेलवे स्टेशन पहुंची थी.
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काउंसलिंग के बाद चाइल्डलाइन के हवाले
आरपीएफ की टीम ने किशोरी को सुरक्षित अपने पास रखा और उसकी उचित काउंसलिंग की, ताकि वह भयमुक्त हो सके. इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और परिजनों से संपर्क स्थापित करने के लिए बच्ची को चाइल्डलाइन (Childline) रांची की टीम को सुपुर्द कर दिया गया है. इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में आरपीएफ की महिला उपनिरीक्षक सुशीला बड़ाइक, सोनाली शर्मा, सोनम कुमारी और मो. शौकत खान की सराहनीय भूमिका रही.
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