46 दिन बाद कुवैत से झारखंड पहुंचा प्रवासी श्रमिक रामेश्वर महतो का शव

Migrant Labour News: कुवैत में 12 साल से काम कर रहे झारखंड के एक प्रवासी श्रमिक की 15 जून 2025 को मौत हो गयी. प्रवासी श्रमिक रामेश्वर महतो की पत्नी प्रमिला देवी ने 19 जून को झारखंड सरकार के प्रवासी नियंत्रण कक्ष से मदद मांगी और अपने पति का शव वापस लाने की गुहार लगायी. हजारीबाग जिला प्रशासन और झारखंड सरकार के प्रयास से 31 जुलाई 2025 को रामेश्वर महतो का शव रांची पहुंचा. यहां से उसके शव को एंबुलेंस से हजारीबाग भेज दिया गया है.

Migrant Labour News: झारखंड के एक प्रवासी श्रमिक की कुवैत में पिछले दिनों मौत हो गयी थी. झारखंड सरकार के प्रयास से प्रवासी श्रमिक के शव को वतन वापस लाया गया. गुरुवार 31 जुलाई 2025 को पार्थिव शरीर 3:45 बजे बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची पहुंचा. यहां से जिला प्रशासन द्वारा पार्थिव शरीर को मृतक के गृह जिले हजारीबाग तक ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की गयी.

प्रवासी नियंत्रण कक्ष की मदद से रामेश्वर का शव भारत पहुंचा

झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अधीन संचालित राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष रांची की पहल से कुवैत में कार्यरत दिवंगत प्रवासी श्रमिक रामेश्वर महतो के पार्थिव शरीर की भारत वापसी की प्रक्रिया पूरी की गयी.

हजारीबाग के विष्णुगढ़ प्रखंड के रहने वाले थे महतो

हजारीबाग जिले के विष्णुगढ़ प्रखंड अंतर्गत ग्राम बंडखरो निवासी रामेश्वर महतो 12 वर्षों से मेसर्स इमको इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन कंपनी (M/s IMCO Engineering & Construction Company), कुवैत में काम कर रहे थे. 15 जून 2025 को कुवैत में हृदय एवं श्वसन गति रुकने के कारण उनका आकस्मिक निधन हो गया था.

झारखंड की ताजा खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

19 जून को महतो की पत्नी प्रमिला ने मांगी थी मदद

महतो की पत्नी प्रमिला देवी ने 19 जून 2025 को राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष से उनके दिवगंत पति के पार्थिव शरीर को झारखंड लाने का अनुरोध किया. इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय दूतावास, कुवैत एवं प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेंट्स (Protector of Emigrants) रांची को सूचित किया गया.

27 जुलाई को हजारीबाग डीसी ने कुवैत दूतावास को भेजा अनुरोध

परिवार को न्यायोचित मुआवजा और पार्थिव शरीर की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के लिए समन्वयात्मक प्रयास शुरू किये गये. शुरू में परिजनों ने अंतिम भुगतान प्राप्त हुए बिना पार्थिव शरीर लेने से इनकार कर दिया, जिससे प्रक्रिया में विलंब हुआ. लगातार संवाद के बाद 27 जुलाई 2025 को हजारीबाग के उपायुक्त ने परिजनों की सहमति लेकर भारतीय दूतावास, कुवैत को औपचारिक अनुरोध भेजा.

3:45 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पहुंचा शव

कंपनी की ओर से 28 जुलाई 2025 को आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गयी. गुरुवार 31 जुलाई 2025 को पार्थिव शरीर भारत लाया गया. अपराह्न 3:45 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर शव को मृतक के पुत्र किशोर महतो एवं अखिलेश कुमार और विष्णुगढ़ के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने प्राप्त किया. जिला प्रशासन द्वारा पार्थिव शरीर को मृतक के गृह जिले हजारीबाग तक ले जाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी.

इसे भी पढ़ें

सर्वदलीय बैठक के बाद बोले हेमंत सोरेन- भारी बारिश के बीच आहूत हुआ है मानसून सत्र

डायग्नोसिस और सर्जरी में पूरी तरह क्लिनिकल रहें, व्यवहार में क्लिनिकल न बनें, एम्स देवघर में बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

रांची स्टेशन पर आरपीएफ का ‘ऑपरेशन नार्कोस’, मौर्य एक्सप्रेस के यात्री से 6 पैकेट गांजा जब्त

Kal Ka Mausam: रांची से गुजर रहा मानसून ट्रफ, बंगाल में चक्रवात, झारखंड के 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >