रांची (प्रमुख संवाददाता). झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में सोमवार को विधायक रामचंद्र सिंह ने लातेहार में अवैध जमाबंदी के नाम पर लगान रसीद निर्गत नहीं करने का मामला उठाया. कहा कि लातेहार नगर पंचायत के सभी 15 वार्डों में 2016 पहले वैसे गैरमजरूआ जमीन जिनकी बंदोबस्ती रैयतों को की गयी थी. इनका लगान रसीद निर्गत किया जा रहा था. लेकिन सरकार ने 13 मई 2016 को अवैध जमाबंदी के नाम पर लगान रसीद निर्गत करने पर रोक लगा दी.
श्री सिंह ने कहा कि लातेहार के सभी वार्डों में सीएस खतियान के आधार पर राजस्व कार्य किया जाता है. आज तक इन वार्डों का सर्व भी नहीं हुआ है. पूर्व में दिये गये आदेश से हो रही परेशानी को लेकर सरकार ने तीन जुलाई 2018 को कैबिनेट की बैठक कर सभी रैयतों की जमाबंदी ऑनलाइन कर रसीद निर्गत करने का आदेश दिया था. इसके बावजूद लातेहार अंचलाधिकारी द्वारा जमाबंदी भूमि का रशीद नहीं काटा जा रहा है.175 संदेहास्पद जमाबंदी का अभिलेख खोल कर की जा रही सुनवाई : मंत्री
इस पर प्रभारी मंत्री दीपक बिरुआ ने कहा कि वैसे जमाबंदी जिनका राजस्व दस्तावेज में सक्षम प्राधिकार का सत्यापन नहीं किया गया है, उसे संदेहास्पद जमाबंदी की श्रेणी में रखा गया है. लातेहार में 196 संदेहास्पद जमाबंदी चिह्नित किया गया है, जिसमें से 21 जमाबंदी का ऑनलाइन लगान रशीद निर्गत किया जा चुका है. शेष 175 संदेहास्पद जमाबंदी का अभिलेख खोल कर सुनवाई की जा रही है. जमाबंदीधारी को राजस्व कागजात व साक्ष्य प्रस्तुत करने का नोटिस निर्गत किया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
