Ranchi News : अफसरों के रहते हुए भी पुलिस में कई पद खाली, कई प्रभार में

स्पेशल ब्रांच में एडीजी, एससीआरबी आइजी, होमगार्ड और अग्निशमन में एडीजी का पद रिक्त

वरीय संवाददाता, रांची. झारखंड पुलिस में आइपीएस अफसराें की कमी नहीं है. फिर भी कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं. वहीं कई के पास अतिरिक्त प्रभार है. इनमें आरके मल्लिक के डीजी मुख्यालय के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद खाली है. वहीं पंकज कंबोज के तबादला होने के बाद से आइजी प्रोविजन का पद भी पुलिस मुख्यालय में रिक्त है. सीआइडी डीजी और एसीबी चीफ के पद पर किसी अफसर की स्थायी पोस्टिंग नहीं है. वर्तमान में डीजीपी अनुराग गुप्ता के पास सीआइडी डीजी और एसीबी चीफ का अतिरिक्त प्रभार है. इसी तरह डीआइजी बजट का प्रभार डीआइजी कार्मिक नौशाद आलम के पास है. स्पेशल ब्रांच में एडीजी, एससीआरबी आइजी, होमगार्ड और अग्निशमन में एडीजी का पद रिक्त है. रांची डीआइजी का पद रिक्त : अनूप बिरथरे के आइजी में प्रोन्नति के बाद से रांची रेंज में डीआइजी का पद रिक्त है. इस ऑफिस से कोई कार्य नहीं हो रहा है. रांची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा और देवघर के एसपी अजीत पीटर डुंगडुंग डीआइजी में प्रोन्नत हो गये थे. राज्य सरकार ने रांची एसएसपी और देवघर एसपी के पद को अपग्रेड कर दिया. इसके बाद भी चंदन सिन्हा रांची एसएसपी और अजीत पीटर डुंगडुंग देवघर एसपी का काम देख रहे हैं. लेकिन दुमका रेंज में डीआइजी के रूप में अंबर लकड़ा की पोस्टिंग की गयी. लेकिन रांची डीआइजी का पद खाली ही रह गया. जैप और आइआरबी के कमांडेंट का कार्य भी प्रभार में : जैप और आइआरबी मिलाकर कुल 20 बटालियन हैं. इसमें से जैप-3, जैप-5, जैप-8 और जैप-09 में कमांडेंट नहीं हैं. संबंधित क्षेत्र के एसपी को इसका अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. इसी तरह आइआरबी-1, आइआरबी-2, आइआरबी-3, आइआरबी-4, आइआरबी-5, आइआरबी-10 के कमांडेंट का पद भी खाली है. इसका प्रभार भी संबंधित क्षेत्र के एसपी के पास है. दगा दे रहे पुराना कंप्यूटर : पुलिस मुख्यालय के विभिन्न इकाइयों में पुराने कंप्यूटर के भरोसे काम चल रहा है. स्थिति यह है कि कई जगह पर सीपीयू में स्टाफ पेन ड्राइव लगाकर काम करते हैं. साथ ही हर वाक्य टाइप करने के बाद डाटा सेव करते रहते हैं. ऐसा नहीं करने पर लाइन कटने की स्थिति में डाटा गायब हो जाता है, क्योंकि कंप्यूटर में बैकअप बनाये रखने के लिए इन्वर्टर नहीं है. कई जगह पर प्रिंटर भी खराब है. जबकि इस मद में विभाग के पास पैसा है. लेकिन आइजी प्रोविजन का पद खाली है. सामान खरीद वाले कमेटी के अध्यक्ष आइजी प्रोविजन होते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SHRAWAN KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >